विभाग के अफसर स्कूलों का करेंगे निरीक्षण
बिजनौर। परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में सुधार को लेकर शासन अब सख्त हो गया है। स्कूलों में लेट लतीफ पहुंचने वाले शिक्षकों की अब खैर नहीं। शासन ने शिक्षा विभाग के अफसरों को प्रतिदिन स्कूलों का निरीक्षण कर निरीक्षण आख्या भेजने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों में अनिवार्य रूप से शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज कराई जाएगी।
सूबे में भले ही लॉकडाउन चलते स्कूलों में बच्चों का अवकाश है, पर शिक्षकों को समय पर स्कूल पहुंचने के दिशा निर्देश दिए गए हैं। बीएससी महेश चंद्र ने ग्रीष्मकालीन अवकाश में ही शिक्षकों को एक जुलाई से स्कूलों में उपस्थित रहकर स्कूल संबंधी कार्य कराने के निर्देश दिए थे, जिसमें स्कूलों की रंगाई पुताई, सुंदरीकरण से लेकर बच्चों को पुस्तकें उपलब्ध कराने, बच्चों का स्कूलों में प्रवेश कराने, मिड-डे मील की कन्वर्जन कास्ट की धनराशि बच्चों के अभिभावकों के खातों में भिजवाने तथा मिड-डे मील का खाद्यान्न वितरित कराने आदि के निर्देश दिए गए थे। पर अब स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर शासन गंभीर है। शिक्षा विभाग के अफसरों को स्कूलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने बीएसए व सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को प्रत्येक कार्य दिवस में दो-दो विद्यालयों का निरीक्षण कर शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज कराने को कहा है। निरीक्षण आख्या प्रतिदिन शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं, जिस पर शिक्षा विभाग के अफसरों ने अमल करना शुरू कर दिया है। बुधवार को शिक्षा विभाग के अफसरों ने स्कूलों के ताबड़तोड़ निरीक्षण किए थे। बीएसए ने भी स्कूलों का निरीक्षण किया था। बीएसए महेश चंद के मुताबिक शिक्षक स्कूलों में समय का पालन करें। समय पर उपस्थित नहीं होने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने बताया कि स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। साथ ही शिक्षक स्कूलों में उपस्थित रहकर विभागीय कार्य करें। जो भी लंबित कार्य है उसे पूरा करें। निर्देश का पालन नहीं करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शासन के निर्देश का पालन अवश्य रूप से कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देशों को जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।