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सर्प दंश पर झाड़फूंक नहीं, चिकित्सक से कराएं उपचार

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बिजनौर में सांप के काटने वाले बच्चे का इलाज करते डा.बीरवल सिंह। - फोटो : BIJNOR
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महिला, युवती और बच्चे को जहरीले सांप ने डंसा
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बिजनौर। एक महिला, युवती और एक किशोर को सोते हुए जहरीले सांप ने डंस लिया। झाड़फूंक के चक्कर में परिजनों ने महिला और युवती की जान को जोखिम में डाल दिया। बाद में तीनों को गंभीर हालत में एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। युवती की हालत में सुधार है जबकि महिला और बच्चे को आईसीयू में भर्ती हैं।
नजीबाबाद क्षेत्र के गांव कर्मसखेड़ी निवासी नईम की 18 वर्षीय पुत्री गुलफ्सा 30 अगस्त की रात घर पर सो रही थी। रात करीब 11 बजे सांप ने उसके हाथ में डंस लिया। सुबह तबीयत बिगड़ने पर परिजन युवती को चिकित्सक के पास ले जाने के बजाय किसी झाड़फूंक वाले के पास ले गए। आराम नहीं मिलने पर दूसरे, तीसरे और चौथे झाड़फूंक वाले के पास लेकर गए, लेकिन कहीं से भी आराम नहीं मिला। ऐसा करते-करते उन्हें सुबह से दोपहर हो गई। युवती की तबीयत बिगड़ती जा रही थी। इसके बाद परिजन युवती को बिजनौर स्थित डॉ. बीरबल सिंह के नर्सिंग होम लेकर आए। दोपहर करीब ढाई बजे चिकित्सक ने युवती का उपचार शुरू किया और उसकी जान बचाई।
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बैराज रोड स्थित हेमराज कॉलोनी निवासी निर्मला पत्नी प्रदीप बुधवार दोपहर के समय जमीन पर बिस्तर लगाकर सो रही थी। परिजनों ने बताया कि नींद खुलने पर जैसे वह उठकर बैठी हुई, समीप बैठे जहरीले सांप ने उसके पैर में डंस लिया। परिजन उसे चिकित्सक के यहां ले जाने के बजाय झाड़फूंक वाले के पास लेकर गए। झाड़फूंक वाले से महिला को कोई आराम नहीं मिला और उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। शाम करीब पांच बजे परिजनों ने महिला को डॉ. बीरबल के यहां भर्ती कराया। जिस समय महिला भर्ती हुई, उसकी सांसे बंद हो चुकी थी। चिकित्सक महिला को तुरंत आईसीयू में लेकर गए और उसके मुंह में पाइप डालकर मशीन से उसे सांस दी गई। काफी मशक्कत के बाद महिला की जान बचाई जा सकी।
मंगलवार को ही गांव स्वाहेड़ी निवासी मनोज के 11 वर्षीय पुत्र मोनू को भी सोते समय सांप ने काट लिया। उसे भी डॉ. बीरबल सिंह के यहां भर्ती कराया गया। समय से अस्पताल पहुंचने पर बच्चे की जान भी बच गई। डा. बीरबल ने बताया कि तीन मरीजों को कोबरा ने डंसा था। कोबरा बहुत जहरीला सांप होता है। कोबरा के जहर से शरीर में लकवा मार जाता है। मरीजों को जब अस्पताल में लाया गया था, उस समय तीनों की हालत बेहद खराब थी। तीनों को आईसीयू में भर्ती करना पड़ा था। युवती की हालत में सुधार है जबकि महिला और बच्चा अब भी आईसीयू में हैं लेकिन खतरे से बाहर हैं।
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झाड़फूंक के चक्कर में जा सकती है जान
डा. बीरबल ने लोगों से अपील की है कि सांप के काटने पर मरीज को झोलाछाप अथवा झाड़फूंक वाले के पास ले जाकर मरीज की जान खतरे में न डालें। उपचार मिलने में अधिक समय बीत जाने पर चिकित्सक को भी मरीज की जान बचाने में कठिनाई होती है। कई बार देर होने पर मरीज की जान भी चली जाती है। उपचार करने में मरीज को बिना समय गवाए चिकित्सक के पास लेकर जाएं। उन्होंने बताया कि सांप के काटने वाली जगह पर चीरा लगाने या बंध लगाने से कोई खास लाभ नहीं मिलता। 60 मिनट से अधिक समय तक बंध लगा रहने से बंध से आगे का हिस्सा हमेशा के लिए गवाना पड़ सकता है। इसलिए बंध लगाने या चीरा लगाने के बजाय मरीज सबसे पहले चिकित्सक के पास लेकर जाएं।
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