बिजनौर जिला अस्पताल में मरीज की मौत पर हंगामा करते परिजन।
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वृद्धा की मौत पर जिला अस्पताल में हंगामा, तोड़फोड़
बिजनौर। जिला अस्पताल में एक वृद्धा की मौत पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा और तोड़फोड़ की। परिजनों का आरोप था कि यदि चिकित्सकों द्वारा वृद्धा को समय पर ऑक्सीजन और इंजेक्शन लगा दिए जाते तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
नगीना थाना क्षेत्र के गांव हमजापुर निवासी अमर सिंह की पत्नी रामकली (60) पिछले काफी दिनों से किरतपुर थाना क्षेत्र के गांव आलमपुरगंगा उर्फ गंगावाला निवासी अपने भतीजे राकेश कुमार के पास रही थी। परिजनों के अनुसार शुक्रवार को अचानक रामकली की तबीयत खराब होने लगी। इस पर परिजनों ने 108 एंबुलेंस से उसे किरतपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया। वहां के चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे चिंताजनक हालत में जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद परिजनों ने उसे जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लाकर भर्ती कर दिया। चिकित्सकों ने वृद्धा को उपचार देना शुरु किया। इसी दौरान अचानक महिला ने दम तोड़ दिया। महिला की मौत से आक्रोशित परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार की शाम जिला अस्पताल में जमकर हंगामा करते हुए तोड़फोड़ की। परिजनों का आरोप था कि चिकित्सकों ने वृद्धा को ऑक्सीजन और इंजेक्शन न लगाने का आरोप लगाया। इस मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित परिजनों को शांत किया। जबकि इमरजेंसी के चिकित्सकों ने बताया कि इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। समय पर उपचार शुरू कर दिया गया था। परिजनों के सभी आरोप निराधार है।