बिजनौर। कोरोना के संक्रमण के इस दौर में जीवन रक्षक ऑक्सीजन सिलिंडरों की खपत अचानक बढ़ गई है। सरकारी व गैर सरकारी अस्पतालों में सिलिंडरों को रखना समय की मांग बन चुकी है। चिकित्सकों का कहना है कि आमतौर पर इस मौसम में वायुमंडल में धुंध और कोहरा आदि छाए रहने से ऑक्सीजन की मात्रा कम होने लगती है। ऐसे में सांस एवं हृदय संबंधी रोगों की कठिनाई बढ़ जाती है। सामान्य रोगियों की अपेक्षा इन्हें ऑक्सीजन की अधिक आवश्यकता होती है।अधिकारियों का दावा है कि ऑक्सीजन सिलिंडरों की उपलब्धता बरकरार है।
कोविड-19 और सर्दी बढ़ने के साथ ही ऑक्सीजन सिलिंडरों की खपत बढ़ गई है। वर्तमान में जिला महिला अस्पताल के पुराने भवन में 98 बेड का कोविड हॉस्पिटल बना है। जिला अस्पताल में 43 ऑक्सीजन सिलिंडरों का हर माह का कोटा निर्धारित है। हालांकि कभी-कभार यह कम या अधिक हो जाता है। कोरोना का संक्रमण शुरू होने के बाद से ऑक्सीजन सिलिंडरों की अधिक जरूरत पड़ रही है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अस्पताल को 125 रुपये प्रति सिलिंडर की दर से आपूर्ति होती है। इसमें किराया अलग से देना पड़ता है। जिला अस्पताल में ऑक्सीजन सिलिंडर की सप्लाई निजी एजेंसी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल में प्रतिदिन चार से पांच आक्सीजन सिलिंडरों की खपत है। रोगियों की तादात अधिक होने पर सिलिंडरों की संख्या बढ़ जाती है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. ज्ञानचंद का कहना है कि जिला अस्पताल में ही करीब तीन माह पहले कोविड हॉस्पिटल बनाया गया है। यह फिलहाल कोविड की श्रेणी में है। इसके बावजूद ऑक्सीजन सिलिंडरों की उपलब्धता पूरी है तथा जरूरत पड़ने पर रोगियों को नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाता है।
निजी अस्पतालों में उपलब्ध हैं भरपूर सिलिंडर
बीना प्रकाश हॉस्पिटल के स्वामी डा. प्रकाश बताते हैं कि कोरोना के इस दौर में निजी अस्पतालों की जिम्मेदारी भी अधिक बढ़ गई है। गंभीर रोगियों के लिये जीवन रक्षक का काम करने वाला ऑक्सीजन सिलिंडर तकरीबन सभी अस्पतालों में मौजूद है। हालांकि जिले के किसी भी निजी अस्पताल में कोविड का उपचार नहीं होता है।
पंडित चंद्रकांत आत्रेय मेमोरियल अस्पताल के क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डा. अवधेश वशिष्ठ का कहना है कि एक माह में तीन से चार ऑक्सीजन सिलेंडर की जरुरत पड़ती है। उनका कहना है कि दमा, श्वांस एवं कुछ अन्य गंभीर रोगियों को ही ऑक्सीजन लगाया जाता है।
कोविड एल-2 हॉस्पिटल में पर्याप्त है ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था
सीएमओ डा. विजय कुमार यादव ने बताया कि कोरोना के गंभीर रोगियों को तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू) में कोविड हॉस्पिटल में रेफर कर दिया जाता है। यहां पर केवल सामान्य कोरोना वाले मरीज ही भर्ती किए जाते हैं। वर्तमान समय में सिलेंडर की पर्याप्त हैं।