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आलू के दाम आसमान पर, फिर भी नहीं बढ़ा फसल का रकबा

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आलू के दाम आसमान पर, फिर भी नहीं बढ़ा फसल का रकबा
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बिजनौर। आलू की खेती से बंपर कमाई के बाद भी जिले के किसानों ने इस फसल की ओर रुख नहीं किया है। बीज महंगा होने की वजह से नए किसानों ने आलू की फसल को नहीं अपनाया है। जिले में आलू के रकबे में अब भी कोई इजाफा नहीं हुआ है। जिले में काफी आलू पंजाब से आता है। अगर पंजाब में भी आलू का रकबा नहीं बढ़ता है तो आलू पर छाई महंगाई से अभी राहत मिलना मुश्किल है।
जिले में आलू का रकबा करीब चार हजार हेक्टेयर है। प्रमुख रूप से गंज में आलू की खेती की जाती है। यहां सरदारों के बड़े बड़े खेतों में आलू की खेती होती है। मार्च के बाद से ही आलू पर महंगाई छाई हुई है। आलू की खेती किसानों के लिए मुनाफे का सौदा साबित हुई है। आढ़त पर ही 35 से 45 रुपया प्रति किलो बिकी है। किसानों ने आलू पर 40 से 50 हजार रुपये बीघा केवल दो महीने में ही कमाए हैं। लेकिन जैसे जैसे आलू की फसल महंगी हुई वैसे वैसे आलू के बीज के दामों में भी इजाफा हुआ है।
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जिले में प्रमुख रूप से आलू की पुखराज व कुफरी प्रजाति बोई जाती है। पिछले साल इन प्रजातियों के बीज के दाम 370 से 450 रुपये प्रति क्विंटल तक थे। लेकिन इस बार बीज के दाम 1300 से 1400 रुपये प्रति क्विंटल तक रहे। पंजाब से आने वाले प्रमाणित बीज के दाम भी एकदम दोगुने हो गए थे। एक बीघा में तीन क्विंटल तक आलू बोया जाता है। आलू के बीज पर छाई महंगाई और फसल के दामों पर अनिश्चितता को देखते हुए नए किसान अब भी आलू की फसल से नहीं जुड़ पाए हैं।
कृषि विभाग द्वारा कराए गए सर्वे में आलू का रकबा बाकी सालों की तरह ही करीब चार हजार हेक्टेयर ही निकला है। जो किसान परंपरागत रूप से आलू की खेती करते आ रहे हैं इस बार भी उन्होंने ही आलू की फसल बोई है।
तीन साल पहले हुई थी आलू की दुर्गति
साल 2017 में आलू कौड़ियों के दाम बिका था। तब प्रदेश सरकार ने आलू की खरीद के लिए एक क्रय केंद्र स्थापित किया था। आलू के दाम 400 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किए थे। हालांकि सरकार की शर्तों की वजह से केंद्र पर एक किलो आलू भी नहीं खरीदा गया था। अब हालात यह है कि आलू की फसल चार हजार रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रही है।
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किसानों को बोना चाहिए आलू
जिला उद्यान निरीक्षक नरपाल मलिक के अनुसार आलू का रकबा नहीं बढ़ा है। परंपरागत रूप से आलू की खेती करने वाले किसान ही इसकी खेती कर रहे हैं। किसानों को सब्जियों की ओर रुख करके भी मुनाफा कमाना चाहिए।
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