बिजनौर में महादेव के भक्तों के हौसले को बारिश भी नहीं रोक पाई। कांवड़ लाने के संकल्प को भोले के भक्तों ने पूरा किया। बारिश के बीच भी महादेव के भक्त हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए अपने गंतव्यों को बढ़ते रहे। कांवड़ियों की सेवा के लिए गली मोहल्लों व सड़कों पर सेवा शिविरों का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने कांवड़ियों की खूब सेवा की। मंदिरों में जलाभिषेक की तैयारी पूरी कर ली गई हैं। रविवार आधी रात से जलाभिषेक शुरू हो जाएगा।
शनिवार शाम पांच बजे से शुरू हुई बूंदाबांदी रविवार सुबह सात बजे तक जारी रही। बारिश के बाद भी कांवड़ियों का हौसला नहीं टूटा। कांवड़ियों बारिश में भी पैरों में घुंघरू बांधकर बम-बम भोले, हर-हर महादेव, भारत माता की जय व वंदे मातरम के जयकारे लगाते हुए अपने गंतव्यों को जाते रहे। रविवार को सड़कों पर कांवड़ियों की भारी भीड़ दिखाई दी। महिलाएं भी कांवड़ लेकर जाती रहीं। जिले से अधिकतर श्रद्धालु शनिवार को कांवड़ लेने हरिद्वार पहुंच गए थे। शनिवार रात को उन्होंने संकल्प लेकर यात्रा प्रारंभ की। अपने साथियों की मदद से रविवार शाम तक भोले कांवड़ लेकर घर पहुंचे। भोलों की कांवड़ लेने के लिए हर जगह श्रद्धालु तैयार रहे। गांवों, शहरों व जंगल के रास्तों में भी कांवड़ियों द्वारा शिविर लगाए गए। कोई ऐसा मोहल्ला नहीं बचा जहां पर कांवड़ियों की सेवा के लिए शिविर न लगाया गया हो। दिन भर मंदिरों व आसपास डीजे पर शिव की महिमा के साथ साथ देशभक्ति के गीत बजते रहे।
गोमती देवी वेलफेयर सोसायटी द्वारा शिविर लगाकर कांवड़ियों की सेवा की गई। इस दौरान समिति अध्यक्ष विजेंद्र कुमार, जयश्री, शिशिर भटनागर, शिखा यादव, सूर्या प्रताप, रिंकू शर्मा, अभिनव चौहान आदि मौजूद रहे। मंदिरों को भी सजा दिया गया। मंदिरों में जलाभिषेक की पूरी तैयारी कर ली गई हैं।
ये हैं जिले के प्रमुख शिव मंदिर
बिजनौर में जिले में सबसे अधिक मान्यता नजीबाबाद में मंडावली स्थित मोटा महादेव मंदिर पर कांवड़ चढ़ाने की है। इसके अलावा झारखंडी शिव मंदिर खारी में जलाभिषेक की बहुत मान्यता है। यहां पर मेला भरता है। इसके अलावा मनोकामना शिव मंदिर झालू, जलालपुर के पास स्थित कुबड़ा शिव मंदिर, लाखन के घेर स्थित शिव मंदिर, गीतानगरी स्थित मंदिर, बालाजी मंदिर, झालू में छतरीवाला कुआं स्थित शिव मंदिर, झालू में कानूनगोयान मोहल्ले में महामृत्युंजय शिव मंदिर, गंज स्थित झारखंडी मंदिर, चांदपुर स्थित झारखंडी मंदिर में भी कांवड़ चढ़ाने का विशेष महत्व है।
मालगोदाम तिराहे पर लगा विशेष पुलिस कैंप
नजीबाबाद में महाशिवरात्रि कांवड़ यात्रा के अंतिम दिन बोल बम, हर-हर महादेव के जयकारे नगर में गूंजते रहे। हजारों कांवड़ियों ने मोटा महादेव स्वयंभू प्राचीन शिवमंदिर में प्रथम जलाभिषेक किया। मालगोदाम तिराहा से हजारों शिवभक्त गंतव्य के लिए गुजरे। सीओ अरुण कुमार सिंह, थाना प्रभारी संजय पांचाल ने मालगोदाम तिराहे पर विशेष पुलिस कैंप लगाया। एसआई संजय कुमार, रविंद्र कुमार ने पुलिस कर्मियों के साथ शिवभक्तों के सुरक्षित आवागमन की कमान संभाली। हरिद्वार मार्ग स्थित बिजौरी तिराहा, टीला मंदिर क्षेत्र, चौक बाजार, अम्बदू खां चौराहा, डबल फाटक तिराहा, सीकेआई चौराहा क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों से गुजरने वाले कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात रहा। ब्यूरो
शिव की महिमा का गुणगान किया
नजीबाबाद में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में महाशिवरात्रि पर्व पर संगोष्ठी आयोजित की गई। मुख्य संचालिका गीता बहन ने शिवरात्रि पर्व का महत्व बताया। उन्होंने कहा सत्य ज्ञान वह है जो अविनाशी है। सत्य आत्मा, परमात्मा और सृष्टि है। गीता बहन ने ओमकार शब्द की भी व्याख्या की। उन्होंने भगवान शिव को कल्याणकारी बताते हुए उनकी महिमा का वर्णन किया। रमेश नगर स्थित ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित व्याख्यान में फादर शिबू थॉमस, पंडित सुनील कुमार, सुमन वर्मा, अलका रानी, भावना, दीपिका, अरुण कुमार, उमेश कुमार आदि उपस्थित रहे। ब्यूरो
जयकारों के साथ कांवड़ियों के जत्थे रवाना
धामपर/अफजलगढ़/कालागढ़। धामपुर में कालियावाला मंदिर, दुर्गा विहार कॉलोनी, बड़ा शिव मंदिर, भगत सिंह चौक, सैनी धर्मशाला, मुन्नी देवी मंदिर पर आयोजित शिविरों में कांवड़ियों की सेवा कर लोग धर्म लाभ कमा रहे हैं। आशीष राजपूत, अनिल राजपूत, अशोक राजपूत, संजय राणा, महेश राणा, मनीष कुमार, राजकुमार पप्पू, लाजपत मुखिया, चंदूलाल शर्मा, विवेक अग्रवाल, सौरभ कात्यान कांवड़ियों की सेवा में जुटे है। अफजलगढ़ में हरेवली बिरला फार्म मार्ग से अफजलगढ़ होते दर्जनों जत्थे अपने गंतव्यों को रवाना हुए। कांवड़ सेवा शिविर में अजीत कांबोज, हर्ष रस्तोगी, तरुण, कपिल, विशाल, हरजीत सिंह, प्रदीप शर्मा, गोपाल सिंह, सुभाष विश्नोई, संदेश कुमार, संजय जोशी, महेंद्र प्रताप राजपूत, अगम जैन, आशु, मदनजीत थांदी, ब्रह्मस्वरूप सिंह आदि का सहयोग रहा। रेहड़ में रविवार को भोले के भक्तों का जत्थे अपने गंतव्य को रवाना हो गए। कासमपुरगढ़ी, माधोवाला, नारायनवाला, पुख्खेवाला, हर्रायवाला के शिवभक्त वापस आने लगे। कासमपुरगढ़ी में अचाराजन स्थित हनुमान मंदिर, चिंतावाला के महादेव मंदिर तथा कोटबाग स्थित कालिका मंदिर में सेवा शिविर लगाए गए।