बिजनौर। अमानगढ़ पर्यटन क्षेत्र में उभर रहा है। वन्यजीवों की उपलब्धता पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। ऐसे में अब अमानगढ़ के बाहर इको सेंसेटिव जोन बनाने के प्रस्ताव पर मोहर लगने वाली है। जी हां, इसी माह में सेंसेटिव जोन बनाने पर फैसला होगा। बैठक में दूरी तय करने को लेकर मंथन होगा। अमानगढ़ में सेंसेटिव जोन बनाने के लिए जिला स्तर से वन विभाग ने काफी दिन पहले प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया था। एनजीटी में सेंसेटिव जाने बनाने का मामला उठ चुका है। फिलहाल शासन स्तर से ही देरी हो रही है। इसको लेकर अब लखनऊ में 28 या 29 नवंबर को बैठक होने की संभावना है। जिसमें सेंसेटिव जोन बनाने और तय दूरी पर मोहर लग जाएगी। सेंसेटिव जोन घोषित होने के बाद वहां रिसॉर्ट और कैफेटेरिया आदि बनाने का काम शुरू होगा।
अभी अमानगढ़ के पास रुकने की कोई व्यवस्था नहीं है। इसी वजह से वर्तमान में अमानगढ़ में सुबह और शाम को ही जंगल सफारी की सुविधा है। अमानगढ़ में दो साल पहले शुरू हुई थी जंगल सफारी : अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में दो साल पहले जंगल सफारी शुरू हुई थी। इस साल भी काफी संख्या में पर्यटक जंगल सफारी का आनंद लेने अमानगढ़ आ रहे हैं। पिछले दो पर्यटन सत्र में छह हजार से ज्यादा पर्यटक जंगल सफारी कर चुके हैं।