बिजनौर में तेज हवा के झोंकों के साथ हुई बूंदाबांदी से किसानों के होश उड़े हुए हैं। सोमवार को दिनभर बादल छाए रहने से किसान परेशान हुए। बूंदाबांदी से सोमवार को गेहूं की कटाई प्रभावित हुई। हालांकि अगले तीन दिन में बारिश के बहुत कम आसार हैं।
जिले में गंज सहित काफी क्षेत्र में गेहूं की कटाई व गहाई का काम शुरू हो गया है। यह समय किसानों के लिए सबसे ज्यादा मेहनत करने वाला होता है। इस साल गन्ना भी खेतों में खड़ा होने के कारण किसान वैसे ही परेशान है। रही सही कसर सोमवार को तेज हवा के साथ हुई बूंदाबांदी ने पूरी कर दी। सोमवार को हवा की गति पांच किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि आमतौर पर यह डेढ़ किलोमीटर रहती है। बूंदाबांदी से सोमवार को गेहूं की कटाई बंद करनी पड़ी। जो फसल कट चुकी है, भीगने के कारण उसकी गाही दो तीन दिन बाद हो पाएगी। सुबह करीब नौ बजे से 12 बजे तक रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही। हालांकि बूंदाबांदी बहुत ज्यादा नहीं हुई, लेकिन आसमान में छाए बादल किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीर खींच रहे हैं। जिन किसानों ने अपने गन्ने के खेत 400 रुपये प्रति बीघा की मजदूरी देकर खुदवाए थे उनको फिर से खेत की खुदाई करानी होगी। नगीना स्थित मौसम वेधशाला के प्रेक्षक आरके शर्मा के अनुसार अगले 72 घंटे मौसम खराब रहेगा, हालांकि बारिश की संभावना केवल 30 प्रतिशत ही है।
नजीबाबाद में बादलों की गरज के साथ हुई तेज बारिश मौसम में कुछ ठंडक का एहसास हुआ। उधर, कई जगहों पर खेतों में खड़ी गेहूं की फसल बारिश से प्रभावित होकर गिर गई, जबकि कहीं-कहीं काटकर खेत में रखा गेहूं भीग गया।
सोमवार सुबह क्षेत्र में करीब एक घंटा बारिश हुई। बादलों की गरज के साथ हुई तेज बारिश से नगर में कई जगहों पर जलभराव हुआ। हालांकि बारिश थमने के बाद जलभराव की स्थिति से निजात मिल गई। कारोबारी आशीष गुप्ता, मेहर सिंह, मुकेश दक्ष आदि ने बारिश से होने वाले जलभराव से निजात के लिए नालों की तलछट सफाई कराने की प्रशासन से मांग की। बारिश होने से लोगों को मौसम में कुछ ठंडक का एहसास हुआ।
उधर, भागूवाला, बड़िया, भोगपुर, जलालाबाद, नांगल, मंडावली सहित विभिन्न ग्रामीण अंचलों में बारिश से किसानों के लिए मुश्किलें और चिंताएं बढ़ गईं। कई जगहों पर खेतों में लगभग पक चुकी गेहूं की फसल तेज बारिश से प्रभावित होकर जमीन पर बिछ गई, जबकि कुछ जगहों पर पककर तैयार होने पर काटकर रखा गया गेहूं बारिश में भीग गया। जलालाबाद क्षेत्र में बारिश थमने के बाद किसान मो. अली, इबादुर्रहमान, शमीम अहमद, निजामुद्दीन, लाखन सिंह, अलाउद्दीन, फिदा हुसैन और उनके परिजन खेतों पर पहुंचे और खेतों पर जमा पानी की निकासी में जुट गए।
आम के बाग मालिकों के भी उड़े होश
हल्दौर क्षेत्र में बूंदाबांदी होने से अन्नदाता खेतों में खड़ी गेहूं की पकी फसल काटने को लेकर चिंतित है। बारिश के रिमझिम मौसम व तेज हवाओं से आम के बाग मालिकों के होश उड़े हैं। क्षेत्र में गेहूं की फसल प्रमुखता के साथ उगाही जाती है। इन दिनों खेतों में खून-पसीने से कमाई गेहूं की फसल पकी खड़ी है। गेहूं कटाई की सीजन ठीक से शुरू नहीं हुई कि सोमवार की सुबह से आसमान में काले बादल छाने लगें और रिमझिम बारिश की बूंदों से किसान परेशान हो उठे। किसान अपनी पकी गेहूं की फसल काटने को लेकर चिंतित है। साथ ही आम के बागों में हवा तेज चलने से छोटे आम टूटकर गिर गए। इससे आम के बाग मालिकों के होश उड़े हैं।