बिजनौर। गन्ना बाहुल्य क्षेत्र बिजनौर में अब प्याज और लहसुन की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस बार एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत उद्यान विभाग ने जनपद को 4-4 हेक्टेयर क्षेत्रफल में प्याज और लहसुन की बुवाई का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस उद्देश्य किसानों को अन्य फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करना, उनकी आय में वृद्धि करना है। लहसुन में पोटाश की मात्रा अच्छी होती है। यह जमीन के लिए भी लाभकारी है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बिजनौर गन्ना बाहुल्य क्षेत्र है। यहां दो लाख 63 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की खेती होती। इस क्षेत्र में कम समय की लाभकारी अन्य फसल उत्पादित करने के लिए किसानों को रिझाया जा रहा है। इसके लिए उद्यान विभाग किसानों को प्याज और लहसुन की खेती के लिए तकनीकी जानकारी प्रदान करेगा।
जिला उद्यान अधिकारी आरएन वर्मा ने बताया कि फलों और सब्जियों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। फसल चक्र अपनाने से खेती का स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। अलग अलग फसलों की बुवाई से जमीन में उर्वरा शक्ति बढ़ेगी। गोष्ठियों में वैज्ञानिक किसानों को प्याज और लहसुन की खेती के लाभ बता रहे हैं। संवाद