बिजनौर में जिला कृषि एवं औद्योगिक प्रदर्शनी पर इस बार संकट के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं। इसके लिए बृहस्पतिवार को दूसरी बार लगवाई गई बोली में भी कोई ठेकेदार 83 लाख से आगे नहीं पहुंचा।
पिछले साल जिला कृषि एवं औद्योगिक प्रद्रर्शनी का ठेका एक करोड़ 56 लाख 21 हजार रुपये में छूटा था। बताया जाता है कि प्रदर्शनी लगाने में ठेकेदारों को नुकसान का सामना करना पड़ा था। इसीलिए इस बार ठेकेदारों ने इस कीमत पर ठेका लेने से हाथ खींच लिए हैं। इससे पहले प्रशासन की ओर से पांच मई को प्रदर्शनी के ठेके के लिए बोली लगवाई थी। इसमें कोई भी ठेकेदार 60 लाख से ऊपर नहीं बढ़ा। इसके बाद ठेके की नीलामी दोबारा कराने का निर्णय लिया गया।
बृहस्पतिवार को टाउन हाल में दोबारा बोली लगी तो बुलंदशहर के ठेेकेदार इस्लाम ने सबसे ज्यादा 83 लाख की बोली लगाई। इसके बाद कोई भी ठेकेदार ऊपर बढ़ने के लिए तैयार नहीं हुआ।
इस रकम को अपेक्षा से कम मानते हुए ठेके की कार्यवाही निरस्त कर दी गई। अब प्रदर्शनी का ठेका छोड़ने के लिए बाद में तिथि तय की जाएगी। बृहस्पतिवार को प्रदर्शनी के ठेके में कुंवरपाल, पुरुषोत्तम, संजीव राणा, मकसूद अहमद, अक्षय, बुलंदशहर के ठेकेदार इस्लाम, मुजफ्फरनगर के शरीफ, मेरठ के पप्पू समेत तमाम ठेकेदारों ने भाग लिया। ठेके के दौरान चेयरमैन फरीद अहमद भी मौजूद रहे।