बिजनौर के स्योहारा के गांव बेरखेड़ा में सरेशाम बाइक सवार बदमाशों ने एक युवक राकेश की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। इस घटना में जेल में बंद कुख्यात बदमाश आदित्य के चचेरे भाई राहुल का नाम सामने आ रहा है। एक साल पहले आदित्य ने मुखबिरी करने के संदेह में राकेश के भाई मुकेश की गोली मारकर हत्या कर दी थी। राकेश बार बार पुलिस से सुरक्षा मांग रहा था लेकिन उसे सुरक्षा नहीं दी गई थी।
स्योहारा थाना क्षेत्र के गांव रानानंगला निवासी राकेश (40) बृहस्पतिवार शाम करीब पौने सात बजे बाइक से रूपपुर गांव से बेरखेड़ा आया था। घटना के वक्त वह एक दुकान पर जलेबी खा रहा थ, इसी दौरान बाइक सवार तीन बदमाश पहुंचे और राकेश पर गोली चला दी। वह वहां से भागकर एक मकान में जा घूसा तो बदमाशों भी उसके पीछे मकान में घुस गए और ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उसे भून डाला। राकेश की मौके पर ही मौत हो गई। राकेश को पांच गोलियां लगी हैं। 14 अक्तूबर 2017 को राकेश के बड़े भाई मुकेश की आदित्य ने पुलिस को मुखबिरी करने के शक में गांव में ही गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। राकेश अपने भाई मुकेश के कत्ल की पैरवी कर रहा था। इसलिए ही राकेश की हत्या की गई है।
पुलिस ने नहीं दी थी सुरक्षा, परिजनों का हंगामा
स्योहारा। भाई की हत्या के मामले में पैरवी करने वाले युवक राकेश की सरेशाम गोलियों से भूनकर हत्या करने से इलाके में सनसनी फैल गई। इस घटना के पीछे पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है साथ ही गवाह और पैरवी करने वालों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हुए हैं। परिजनों का आरोप है कि राकेश ने कई बार अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस से सुरक्षा मांगी थी, लेकिन पुलिस ने उसे सुरक्षा मुहैया नहीं कराई और आखिर उसकी हत्या हो गई। परिजनों ने इसको लेकर हंगामा भी किया। ग्रामीणों के मुताबिक जेल में बंद कुख्यात बदमाश आदित्य के चचेरे भाई राहुल ने अपने दो साथियों के साथ इस घटना को अंजाम दिया है। 14 अक्तूबर 2017 को राकेश के बड़े भाई मुकेश की आदित्य ने पुलिस को मुखबिरी करने के शक में गांव में ही गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। राकेश अपने भाई मुकेश के कत्ल की पैरवी कर रहा था। इसलिए ही राकेश की हत्या की गई है। पुलिस ने कातिलों को दबोचने के लिए इलाके में जाल बिछाया, पर कोई हाथ नहीं लगा।
राकेश की बहन गजरो देवी ने स्योहारा अस्पताल में अपने भाई राकेश की हत्या को लेकर खूब हंगामा किया। आरोप लगाया कि पुलिस की शह पर उसके भाई का कत्ल हुआ है। उसके भाई मुकेश की हत्या भी पुलिस की लापरवाही से हुई थी। बार बार सुरक्षा मांगने के बाद भी उसे सुरक्षा नहीं दी गई। अब राकेश को भी सुरक्षा नहीं दी गई थी। हलके का दरोगा कातिलों से हमसाज था। तभी राकेश का कत्ल हुआ है।एसपी उमेश कुमार सिंह के मुताबिक राकेश की हत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
आदित्य ने मेरठ जेल से बुना राकेश की हत्या का ताना बाना
बिजनौर। कुख्यात बदमाश आदित्य ने राकेश की हत्या का ताना बाना मेरठ जेल से बुना था। आदित्य के इशारे पर ही उसके चचेरे भाई ने राहुल का कत्ल किया है। कई दिन से राहुल अपने साथियों के साथ उसकी हत्या की फिराक में लगा था। मौका मिलते ही हत्या कर दी। स्योहारा थाने के गांव रानानंगला निवासी आदित्य मुरादाबाद में पेशी के दौरान अपने एक साथी के साथ फरार हो गया था। इसके बाद आदित्य ने अपना बड़ा गैंग खड़ा कर लिया था। आदित्य ने लूट व हत्या की कई बड़ी घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस की नींद उड़ा रखी थी। पुलिस ने आदित्य पर एक लाख व उसके साथी गांव स्वाहेड़ी निवासी रोहित पर 20 हजार का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस का चक्रव्यूह भेदकर आदित्य ने फरवरी में कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। आदित्य राजनीतिक दलों के नेताओं के संरक्षण में फल फूल रहा था। यह बात पुलिस जांच के दौरान भी सामने आई थी। आदित्य सुपारी लेकर हत्या करने लगा था। पुलिस ने उसे दबोचने के लिए कई बार जाल बिछाया, पर वह जाल में नहीं फंसा। मुकेश की हत्या के बाद इस केस की पैरवी उसका भाई राकेश कर रहा था। आदित्य गैंग के सदस्य राकेश को समझौते के लिए दबाव डाल रहे थे। राकेश इसके लिए तैयार नहीं था। आदित्य को बिजनौर से मेरठ जेल भेज दिया गया था। उसका चचेरा भाई राहुल भी आदित्य गैंग से जुड़ गया था। सूत्रों के मुताबिक आदित्य ने मेरठ जेल से राकेश को ठिकाने लगाने का ताना बाना बुना और चचेरे भाई राहुल को इसकी जिम्मेदारी सौंपी। बृहस्पतिवार को मौका मिलते ही राहुल ने राकेश को गोलियों से भून डाला।
खौफ में परिजन, तहरीर तक देने को तैयार नहीं
राकेश के परिजन पुलिस को राकेश की हत्या की तहरीर देने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि जो भी रिपोर्ट दर्ज कराएगा आदित्य गैंग उसी का खात्मा कर देगा। इसलिए वे राकेश के शव का न तो पोस्टमार्टम करा रहे हैं और न ही रिपोर्ट दर्ज करा रहे हैं। पुलिस उनसे बार बार तहरीर मांग रही है।