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संपत्ति के लालच में की थी हत्या

Sun, 27 Sep 2015 12:39 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर
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नूरपुर। पुलिस ने दस दिन पूर्व हुई चिकित्सक प्रगति कुशन की हत्या का खुलासा कर दिया है। प्रगति की हत्या उसकी बहन के दामाद ने करोड़ों की संपत्ति हथियाने के लिए की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त लोहे की राॅड भी बरामद कर ली है।
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मोहल्ला गोविंदनगर बुध बाजार निवासी डॉ. प्रगति कुशन (58) की 15/16 सितंबर की रात कमरे में सोते समय सिर में किसी भारी चीज से प्रहार कर हत्या कर दी गई थी। हत्या की रिपोर्ट मृतका की बहन के दामाद बरेली के मोहल्ला सुभाषनगर निवासी दीपक की ओर से अज्ञात हमलावरों के विरुद्घ दर्ज कराई गई थी।

शनिवार को हत्या का खुलासा करते हुए थानाध्यक्ष प्रदीप यादव ने बताया कि डॉ. प्रगति की हत्या उसकी बहन के दामाद दीपक ने ही की थी। शनिवार सुबह साढ़े सात बजे दीपक को रोडवेज के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ की गई तो उसने हत्या करने की बात कबूल कर ली।
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थानाध्यक्ष के मुताबिक मृतका डॉ. प्रगति अविवाहित थी। बुध बाजार में उसकी करोड़ों रुपये की अचल संपत्ति थी। उसने अपनी बहन महेंद्रा कुशन की मौत के बाद उसकी पुत्री चंचल को गोद ले लिया था। दस वर्ष पूर्व चंचल की शादी बरेली के मोहल्ला सुभाषनगर निवासी दीपक के साथ कर दी थी।

शादी के बाद से ही वह पत्नी चंचल व दो पुत्रों के साथ अधिकतर नूरपुर में ही रहता था। कुछ दिन पूर्व डॉ. प्रगति ने अपनी समस्त संपत्ति की वसीयत दीपक के बड़े पुत्र एकलव्य के नाम कर दी थी। दो माह पूर्व दीपक को पता लगा कि प्रगति वसीयत बदलने का मन बना रही है।

तभी से वह प्रगति पर संपत्ति का बैनामा कराने का दबाव बना रहा था। प्रगति के मना करने पर उसने हत्या करने की योजना बना ली। हत्या के दिन दीपक पत्नी व बच्चों के साथ छत पर जाकर सो गया। सबके सोने के बाद वह नीचे आया डॉ. प्रगति के सोते हुए उसके सिर में लोहे की राड मारकर हत्या कर दी।

कुछ देर बाद उसकी पत्नी पुत्र को लेकर नीचे आई तो उसे हत्या का पता लगा। थानाध्यक्ष के मुताबिक दीपक की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त की गई लोहे की राड घर के स्टोर रूम से बरामद कर ली गई है। दीपक का चालान कर दिया गया है।

चंचल को पति पर नहीं हो रहा भरोसा
नूरपुर। चंचल को दीपक पर मौसी डॉ. प्रगति की हत्या करने का भरोसा नहीं हो रहा है। रोते हुए उसने बताया कि उसे मौसी ने चार साल की उम्र में ही गोद ले लिया था। वह भी उन्हें मां ही मानती थी। उसके पति बरेली में प्राथमिक स्कूल में शिक्षक हैं।

उसे विश्वास नहीं है कि उसके पति हत्या कर सकते हैं। उसके पति भी डॉ. प्रगति को मां की तरह से ही मानते थे। उसने पुलिस पर हत्या का गलत खुलासा कर पति को फंसाने का संदेह जताया है।
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