नजीबाबाद में लट्ठमार हमलावर के आतंक से महिलाओं की जान सांसत में है। आए दिन कहीं न कहीं महिलाएं और युवतियां हमले का शिकार हो रही हैं। हमलावर को न खाकी का खौफ और न पकड़े जाने की चिंता। महिलाएं न घर के भीतर सुरक्षित हैं और न बाहर। पुलिस का टीमवर्क भी हमलों को रोक पाने में नाकाम है। यही वजह है कि हमलों से बचने के लिए कुछ गांवों में ग्रामीणों ने टीमें बना ली हैं। भागूवाला के ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार सुबह एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़कर मंडावली पुलिस के हवाले किया।
जून माह से महिलाओं पर हमले का शुरू सिलसिला अब तक थमा नहीं है। 28 जून को गांव पदारथपुर निवासी रामकली देवी (75) पर सबसे पहला हमला हुआ। समय रहते उपचार मिलने पर रामकली की जान बच गई। इस घटना के बाद से महिलाओं पर हमले लगातार जारी हैं। नौ जुलाई को नजीमपुर निवासी महिला की बाग की रखवाली करते समय डंडे से ताबड़तोड़ हमले कर हत्या कर दी गई थी। अगले ही दिन 10 जुलाई को साहनपुर के मोहल्ला रवापुरी निवासी लाली भुईयार पर घर पर सोते समय हमला हुआ। दो दिन उपचार के बाद लाली भुईयार की मौत हो गई। 15 जुलाई की रात गांव विजयपुर में होमगार्ड की पत्नी के सिर पर धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई।
उधर, भागूवाला निवासी किशोरी तरन्नुम के पीछे संदिग्ध व्यक्ति दौड़ा, लेकिन परिजनों के जाग जाने से वह भाग निकला। 23 जुलाई को फिर से भागूवाला में अब्दुल रजा की पत्नी हशमत पर हमला हुआ। 25 जुलाई को दिनदहाड़े सिद्घबली विहार में घर पर अकेली महिला बबीता पर हमला हुआ।
इसी दिन भागूवाला में महिला राजो देवी पर हमला हुआ। 26 जुलाई की रात गांव सुनारोंवाली में संदिग्ध व्यक्ति देखे जाने से एक वृद्धा, उसकी पुत्री, पुत्रवधू व पौत्री सीढ़ियों से गिरकर घायल हो गए। गांव बशीरपुर में कारपेंटर की पत्नी को अकेला पाकर उस पर अज्ञात हमलावर ने हमला किया। महिलाओं पर हमलों से ग्रामीण अंचलों की महिलाएं खौफजदा हैं। वह घर और बाहर कहीं भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं।