बिजनौर में सूबे के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा है कि ऋषि व कृषि समाज की रीढ़ है। बुद्धिजीवी समाज के ताने-बाने को मजबूत करने के लिए आगे आएं। लोगों को अध्ययनशील व संवेदनशील बनने की सलाह देते हुए कहा कि वेद का ज्ञाता ही दूसरों की वेदना को समझ सकता है। उपमुख्यमंत्री ने देश व प्रदेश को मजबूत करने का आह्वान किया है।
काकरान वाटिका में आयोजित मंडलीय बुद्धिजीवी सम्मेलन में उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि संवेदनशीलता व सहनशीलता बुद्धिजीवी की पहचान है। संवादहीनता के कारण समाज जाति, वर्ग में बंटा है। बुद्धिजीवी सामाजिक परिवर्तन लाने में सक्षम हैं। ऋषि व कृषि की उपेक्षा से क्रांति आई है। केंद्र व सूबे की सरकार के एजेंडे में किसान टॉप पर है। किसानों की आय वर्ष 2022 तक दोगुनी करने का लक्ष्य है। स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करके केंद्र ने समाज को एक सूत्र में बांधा है।
देश के हर व्यक्ति को पांच लाख तक के स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलेगा। स्वार्थी राजनीतिज्ञ समाज व देश को जाति और धर्म में बांटने में लगेे हैं। ब्राह्मणों को पठन-पाठन की सलाह दी।
वेदों का अनुसरण करके नीति-रीति का पालन करने वाला ब्राह्मण परिवर्तन ला सकता है। सूबे की सरकार सभी जाति के लोगों को बराबर खड़ा करने में लगी है। समाज को एक सूत्र में बांधकर नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ नारे को साकार करना है। राष्ट्रवाद को मजबूत करने के लिए बच्चों को संस्कारित शिक्षा दिलाने पर बल दिया। सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए शुक्रताल के परमहंस परिवाज्रकाय दंडी स्वामी ने कहा कि आज बेटी व बहन पूरी तरह सुरक्षित हैं। शांति से समस्याओं का निपटारा करें। प्रजा के सहयोग से ही शासन चलता है। बुद्धिजीवी समाज में विद्वेष नहीं फैलने दें। अशांति व उत्तेजना फैलाने वालों से सावधान रहें। सेवाभाव को जीवन का अंग बनाएं। उपमुख्यमंत्री के पहुंचने पर उनका शंख ध्वनि व वैदिक मंत्रोच्चारण से स्वागत किया गया। उपमुख्यमंत्री ने ब्राह्मणों के आराध्य देव भगवान परशुराम की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित करके माल्यार्पण किया।
चाणक्य के आदर्शों को अपनाएं
बिजनौर में उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि चाणक्य सबसे बड़े धर्मनिरपेक्ष थे। चाणक्यमहान अर्थशास्त्री व विधिवेत्ता थे। चाणक्य ने जाति और धर्म से ऊपर उठकर चंद्रगुप्त मौर्य को शासक बनाया था। चंद्रगुप्त मौर्य पिछड़ी जाति से थे। लोगों को चाणक्य के आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए। धर्मनीति व राजनीति के संयुक्त प्रयासों से ही शासन चलता है। सबको साथ लेकर चलना ही सफलता का मूलमंत्र है। बुद्धिजीवी देश व प्रदेश को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाएं। तभी समाज का भ्ाला हो सकेगा।
विपक्षी दल करा रहे संघर्ष
बिजनौर में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दल देश व प्रदेश में जनता को जातियों को बांटकर संघर्ष कराने का काम कर रहे हैं। दलितों की आड़ में कुछ लोग माहौल खराब कर रहे हैं। ऐसे लोगों को कई एजेंसियों द्वारा देश व प्रदेश में चिह्नित किया जा रहा है।
पुलिस लाइन में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा देश व प्रदेश में चहुमुखी विकास करा रही है। प्रदेश में कानून व्यवस्था पटरी पर ले आई है। विपक्षी दलों को यह अच्छा नहीं लग रहा है। यह देश व प्रदेश में जातियों को बांटकर अशांति फैलाने में लगे हैं। जब चुनाव आता है तो जातियों को बांटने के लिए ऐसे लोग सक्रिय हो जाते हैं। दलित हिंसक नहीं होते हैं। दलितों की आड़ में कुछ लोग हिंसा फैलाने का काम कर रहे हैं। ऐसे लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। प्रशासन इन लोगों से सख्ती के साथ निपटेगा। आने वाले सालों में उत्तर प्रदेश में रिक्त पड़े पदों पर साढ़े चार लाख बेरोजगारों को नौकरी दी जाएंगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सूबे में कानून व्यवस्था में सुधार आने के कारण देश के बड़े उद्योगपतियों ने उत्तर प्रदेश में पूंजी निवेश पर सहमति जताई है। अन्य लोग भी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आकर्षित हैं। इलेक्ट्रॉनिक उद्योग के क्षेत्र में ज्यादा लोग आगे आ रहे हैं। उद्योग धंधों का सरलीकरण किया जा रहा है। कहा कि विपक्षी पार्टियां भाजपा को रोकने के विकास कार्यों का विरोध कर रही हैं, लेकिन जनता जानती है कि क्या गलत है और क्या सही। कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार किए गए हैं। एनसीईआरटी की किताबें स्कूलों में अनिवार्य कर दी गई हैं। शोध संस्थानों पर भाजपा की विशेष नजर हैं। अच्छे शोध के लिए विश्वविद्यालयों को 50-50 लाख रुपये दिए जा रहे हैं। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए सरकार काम कर रही है।