बिजनौर में सपा नेता पर नौकरी के नाम पर ठगे गए रुपये वापस नहीं करने का आरोप लगाते हुए एक व्यक्ति ने जहर खाकर जान दे दी। उसका शव नजीबाबाद रोड स्थित एक बैंक्वेट हॉल के पीछे सरसों के खेत में पड़ा मिला। जेब से मिले सुसाइड नोट में उसने सपा नेता को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है।
कोतवाली शहर के गांव झलरी निवासी अमरपाल (45) परिवार के साथ कई साल से गांव रामपुर बकली में रहता था। वह उत्तराखंउ के काशीपुर डिपो में संविदा पर परिचालक था। बृहस्पतिवार सुबह वह घर से सब्जी लेने के लिए निकला, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की। शुक्रवार सुबह नजीबाबाद रोड स्थित एक बैंक्वेट हॉल के पीछे सरसों के खेत में उसका शव पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस को उसकी जेब से एक सुसाइड नोट मिला। इसमें लिखे पत्नी के नंबर पर पुलिस ने सूचना दी। सुसाइड नोट में उसने अपनी मौत का जिम्मेदार किरतपुर निवासी एक सपा नेता को बताया है। इसमें लिखा था कि उसने तीन साल पहले किरतपुर के एक सपा नेता को आठ लड़कों व खुद की नौकरी लगवाने के नाम पर आठ लाख बीस हजार रुपये दिए थे। सपा नेता ने न तो नौकरी लगवाई और न ही रुपये लौटाए। आठों लड़के उस पर रुपयों के लिए दबाव बना रहे थे। इसी से क्षुब्ध होकर उनसे जहर खाकर आत्महत्या की है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस के अनुसार, उसने जहर खाकर आत्महत्या की है।