बिजनौर में पकड़े गए हत्या के आरोपियों से पूछताछ करते एसपी।
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बिजनौर में पुलिस ने पांच दिन पहले चांदपुर में हुए एजाज मर्डर का खुलासा कर दिया है। एजाज का मर्डर एक दिव्यांग ने एक साथी के साथ मिलकर किया था, जबकि एक अन्य साथी ने शव छिपाने में मदद की थी। पुलिस ने दिव्यांग समेत दो हत्यारोपी को दबोच लिया है, जबकि एक आरोपी की तलाश जारी है।
एसपी अजय साहनी के मुताबिक चांदपुर के मोहल्ला कटारमल निवासी खलीक का पुत्र एजाज 16 दिसंबर को अचानक लापता हो गया। परिजनों ने उसकी तलाश की पर कहीं पता नहीं चला। पुलिस एजाज के लापता होने के मामले में जांच पड़ताल में जुट गई। जांच के दौरान पुलिस के सामने चांदपुर के मोहल्ला कटारमल निवासी दिव्यांग जावेद, उसी गांव का नौशाद उर्फ सागर और हल्दौर थाने के गांव हताई शेख निवासी रफीक अहमद के नाम एजाज मर्डर में सामने आए। पुलिस ने जावेद और नौशद को दबोचकर उसकी निशानदेही पर बास्टा रोड पर रजत भट्ठे के पास से बोरे में बंद एजाज का शव बरामद किया। पकड़े गए दोनों हत्यारोपी ने पुलिस को बताया कि एजाज उन्हें धमकाकर और पैसे मांगता था। वह सभी को परेशान करता था। जावेद ने बताया कि एजाज का प्लास्टिक की रस्सी से गला घोंट दिया और नौशाद ने उसके चेहरे पर चाकू से कई वार किए। उसने बताया कि एक अन्य साथी राशिद ने एजाज के शव को छिपाने में मदद की। पुलिस ने बताया कि राशिद अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। पुलिस ने पकड़े गए हत्यारोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू व रस्सी बरामद कर ली है।