बिजनौर में जेल से आए बंदी के उपचार के दौरान जिला अस्पताल से बिना बताए चले जाने से अस्पताल में हड़कंप मच गया। उधर, बंदी को कोर्ट ने जेल से रिलीव करने के आदेश दे दिए थे।
जेल अफसरों ने कोर्ट के आदेश से सीएमएस को अवगत करा दिया था। अफजलगढ़ थाने के गांव दल्लावाला निवासी हरगोविंद का पुत्र अर्जुन किसी मामले में जेल में बंद था।
अर्जुन के बाएं पैर के अंगूठे में गैंगरिन हो गई थी। 11 मई को उसे जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया था। बंदी का उपचार चल रहा था। शुक्रवार को कोर्ट से अर्जुन को रिलीव करने का जेल में आदेश आया था।
जेल के अफसरों ने यह आदेश सीएमएस को भेजकर अर्जुन के पास से पुलिस अभिरक्षा को हटा लिया था। शनिवार को अर्जुन जिला अस्पताल से बिना किसी को बताए गायब हो गया। इससे हड़कंप मच गया।
अर्जुन की अस्पताल में तलाश की गई, पर उसका कोई पता नहीं चला। बाद में जेल के स्टाफ को यह पता चला कि अर्जुन को कोर्ट ने रिलीव करने के आदेश दे दिए थे। जेलर आकाश शर्मा के मुताबिक कोर्ट ने अर्जुन के रिहा करने के आदेश दिए थे। वह खुद अस्पताल से चला गया होगा। उसके पैर में गैगरिन हो गई थी।