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बढ़ापुर में आग में जिंदा जल गया युवक

Sun, 20 Nov 2016 11:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
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बढ़ापुर क्षेत्र के मोजा दलीपपुर में डेरे में लगी आग से जला सामान। - फोटो : अमर उजाला
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बढ़ापुर  में बढ़ापुर क्षेत्र के मोजा दलीपपुर स्थित एक डेरे में भोजन गर्म करते समय अचानक फूंस में लगी आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की चपेट में आकर डेरे पर ठहरे नगीना देहात थाना क्षेत्र के गांव अलीपुरा मिट्ठन निवासी एक युवक और तीन पशुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी युवक और कई पशु आग में झुलस गए। इस अग्निकांड में डेरे पर खड़ी दो मोटरसाइकिलें भी जलकर नष्ट हो गई। पुलिस ने युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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बढ़ापुर के ग्राम सरदारपुर छायली निवासी छत्रपाल सिंह ने मोहल्ला पठानान निवासी अनवर खां की मोजा दलीपपुर स्थित कृषि भूमि बटाई पर ले रखी है। इसी भूमि पर छत्रपाल का डेरा और पशुशाला है। शनिवार की देर रात्रि नगीना देहात थाने के ग्राम अलीपुर मिट्ठन निवासी सुरेंद्र पुत्र रामचंद्र सिंह, राजू पुत्र हरदेवा छत्रपाल के डेरे पर पहुंचे। दोनों यहीं विश्राम के लिए डेरे पर रुक गए। दोनों युवकों का मजदूरी के सिलसिले में क्षेत्र में आना-जाना लगा रहता था। देर हो जाने पर यह युवक किसी किसान के डेरे पर रात्रि विश्राम के लिए रुक जाते थे। 
छत्रपाल सिंह के मुताबिक दोनों युवक अपने घर से भोजन लेकर चले थे। छत्रपाल के डेरे पर पहुंचकर युवकों ने साथ लाया खाना गर्म करने के लिए फूंस एकत्र कर आग जलाई। अचानक आग की उठी चिंगारी ने छप्पर में पकड़ ली। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। दोनों युवक शराब के नशे में थे। राजू तो डेरे से बाहर आ गया, लेकिन सुरेंद्र (26) की आग से झुलसकर मौके पर ही मौत हो गई। आग की लपटों ने पास में स्थित डेरे को भी चपेट में ले लिया। आग की चपेट में आकर एक गाय, एक बैल व एक बछिया की मौके पर ही मौत हो गई। पशुशाला में बंधे अन्य पशु रस्सियों को तोड़कर वहां से बाहर निकल गए। डेरे पर खड़ी राजू और छत्रपाल की दोनों मोट भी जलकर नष्ट हो गई है।
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मोजा दलीपपुर में किसानों के डेरे अपने-अपने खेतों में दूर-दूर है। इस कारण किसी को आग की इस घटना का पता नहीं चला। आग ने इतना विकराल रूप धारण किया कि सकते में आए यह लोग शोर भी न मचा सके। देखते ही देखते छत्रपाल का डेरा व पशुशाला राख के ढेर में तब्दील हो गई। रविवार की सुबह सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे नगर पुलिस चौकी प्रभारी शशि भूषण ने घायल राजू को उपचार के लिए बढ़ापुर पहुंचाया। सुरेंद्र  के शव को पोस्टमार्टम के लिए बिजनौर भेजा है। वहीं डेरा स्वामी छत्रपाल डेरे से कुछ दूरी पर लेटा था। बैल उसका बीमार था। छत्रपाल ने बैल को ओस से बचाने के लिए डंडों के सहारे तिरपाल टांगा। खुद भी तिरपाल के नीचे ही सो गया। पशुओं की चीख पुकार के बाद उसकी आंख खुली, परंतु तब तक सब कुछ नष्ट हो सका था।
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