नजीबाबाद में आवास विकास परिषद के लिए अधिग्रहीत भूमि का बैनामा चर्चा का विषय बना है। भूमि मालिक ने अपने संबंधियों को सितंबर के द्वितीय सप्ताह में भूमि का बैनामा किया। उधर, आवास विकास ने पुलिस को तहरीर सौंपकर अधिग्रहीत भूमि पर मरम्मत आदि का कार्य रुकवाने की मांग की है।
नजीबाबाद-कोटद्वार मार्ग पर इब्राहीमपुर राजू क्षेत्र में आवास विकास परिषद ने वर्ष 1991 में धारा 28 की अधिसूचना के साथ 28 फरवरी 1991 को और धारा 32 के साथ 16 जुलाई 2005 को अधिसूचना उत्तर प्रदेश गजट में प्रकाशित कराई थी।
आवास विकास परिषद ने 12.301 हेक्टेयर भूमि कालोनी विकास के लिए अधिग्रहीत की थी। इनमें 34 काश्तकारों की भूमि अधिग्रहीत की गई थी। मुआवजे को लेकर गतिरोध के चलते लगभग दो दशक से आवास विकास परिषद और काश्तकारों में सहमति नहीं बन पाई और अवरोध जारी रहा।
आवास विकास परिषद से लगभग 26 काश्तकारों ने गत दो वर्ष के भीतर आपत्ति सहित मुआवजा ले लिया, लेकिन अधिग्रहीत भूमि से संबंधित कई काश्तकार ऐसे हैं, जिन्होंने अधिग्रहीत भूमि में मिलने वाले मुआवजे को सर्किल रेट से कई गुना कम बताते हुए अभी तक एग्रीमेंट नहीं किया है।
दिलचस्प बात यह है कि आवास विकास परिषद की अधिग्रहीत की गई भूमि से संबंधित काश्तकार नसीम अहमद और उनकी पत्नी नौशाद बेगम ने 8 सितंबर 2016 को 6.70 वर्ग मीटर भूमि का बैनामा पुत्रवधू शादमानी परवीन के नाम कर दिया। नसीम का तर्क है कि उनकी भूमि को अधिग्रहीत करने संबंधी सूचना न ही राजस्व विभाग को है और न ही उपनिबंधक कार्यालय को सूचना मिली है। नसीम ने बताया कि उनकी भूमि पर मरम्मत कार्य को परिषद अनाधिकृत रूप से रुकवाने का दबाव बना रही है।
उधर, आवास विकास परिषद के एक्सईएन के सहायक सुरेंद्र शर्मा ने दावा किया कि आवास विकास के लिए अधिग्रहीत भूमि अब डीएम के नियंत्रण में है। उन्होंने बताया कि धारा 28, 29, 32, 7 और 17 की कार्रवाई हो चुकी है। इस संबंध में उपनिबंधक कार्यालय को भी मीटिंग और पत्राचार के माध्यम से सूचना है। सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि डीएम के अधीन भूमि के मुआवजे संबंधी समस्त धनराशि एसएलओ बिजनौर को दी जा चुकी है। यदि कोई अधिग्रहीत भूमि की खरीद-फरोख्त करता है, तो वह गैरकानूनी है।
उपनिबंधक ने की बैनामे की पुष्टि
उपनिबंधक नजीबाबाद वीरसेन ने आठ सितंबर 2016 को नसीम अहमद आदि द्वारा जमीन का बैनामा किए जाने की पुष्टि की।
उन्होंने कहा कि उन्हें सक्षम अधिकारी (डीएम) द्वारा आवास विकास कालोनी के लिए भूमि अधिग्रहीत करने संबंधी सूचना नहीं दी गई है। सक्षम अधिकारी की सूचना पर ही बैनामा रोकना संभव है।
कम रेट का तर्क
नजीबाबाद में किरतपुर निवासी नसीम अहमद और उनकी पत्नी ने जिस भूमि को अपनी पुत्रवधू के नाम बेचा है, उस भूमि का उपनिबंधक कार्यालय ने सर्किल रेट 17000 रुपये प्रति वर्ग मीटर लगाया है, जबकि अधिग्रहीत की गई भूमि के रेट 1200 से 1500 रुपये वर्ग मीटर दिए गए हैं। नसीम अहमद का तर्क है कि विक्रय भूमि से यह साबित हो चुका है कि उन्हें सर्किल रेट से कई गुना कम रेट दिया जा रहा है, इसी वजह से उन्होंने हाईवे की भूमि का एग्रीमेंट नहीं किया है, वे आज भी भूमि के मालिक काबिज हैं।