अपहरण के आरोपियों को जेल लेकर जाती पुलिस।
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पौड़ी में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर अपहरण के एक मामले में यूपी के पूर्व मंत्री मूल चंद्र और उनके पुत्र व बिजनौर सहकारी बैंक के अध्यक्ष अमित चौहान सहित चार लोगों को जेल भेज दिया गया है। अदालत ने सभी आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए थे, जिसके चलते चारों आरोपियों ने सोमवार को ही अदालत में सरेंडर किया।
मामला 2013 में बिजनौर में हुए जिला पंचायत के उपचुनाव का है। तब कई पंचायत सदस्य थे, जो अपना वोट नहीं डालना चाहते थे। झगड़े से बचने के लिए वह 17 जनवरी 2013 को लक्ष्मणझूला स्थित एक रिसोर्ट में ठहरे हुए थे। रात को पूर्व मंत्री अपने 150 लोगों के साथ रिसोर्ट पहुंचे और सभी लोगों को अगवा करके ले गए। इस मामले में 18 जनवरी को थाना लक्ष्मणझूला पुलिस ने बिजनौर निवासी रोहित कुमार की तहरीर पर 10 लोगों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया था। अभियोजन पक्ष की ओर से केस की पैरवी कर रहे सहायक अभियोजन अधिकारी श्रद्धा रावत ने बताया कि अदालत में हाजिर न होने पर आरोपियों के गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे।
सोमवार को चार आरोपियों ने अदालत में सरेंडर करने के साथ ही सीजेएम की अदालत में जमानत अर्जी भी दाखिल की। अदालत ने जमानत अर्जी खारिज करते हुए चारों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। इनमें पूर्व मंत्री और उनके पुत्र के अलावा दो अन्य आरोपियों में सपा बिजनौर के जिलाध्यक्ष रशीद और जिला पंचायत सदस्य कपिल शामिल हैं।