धामपुर में खादर में जमकर कच्ची शराब की भट्ठिायां धधक रही हैं। सहारनपुर की घटना होने के बाद आबकारी विभाग ने कच्ची शराब बेचने वालों की सुध ली तो कई हत्थे चढ़ गए। विभाग ने अभियान चलाकर आधा दर्जन से ज्यादा भाट्ठियों पर कार्रवाई कर तीन लोगों को पकड़ा।
रेहड़ व अफजलगढ़ थाना क्षेत्र के सैकड़ों गांव में में खादर व अमानगढ़ वन क्षेत्र के गांवों से कच्ची शराब की बिक्री की जा रही है। ऐसा नहीं है कि पुलिस व आबकारी विभाग को मामला संज्ञान में नहीं है। पुलिस व आबकारी विभाग की मिलीभगत से आधा दर्जन गांव में दिन रात जमकर भट्ठियां धधकती हैं। रातोंरात शराब पीने के लिए ठिकानों पर पहुंचा दी जाती है। यह पूरा खेल अफजलगढ़, रेहड़ पुलिस व आबकारी विभाग के संरक्षण में चल रहा है। एक वायरल वीडियो में पुलिस की संवेदनशीलता की करामात सामने आई थी, लेकिन पुलिस ने मामले में रविवार की शाम तक कोई कार्रवाई नहीं की। गांव भूतपुरी, सुआवाला, शाहपुर जमाल मानियावाला, शेरगढ़, बेरखेड़ा, हिदायतपुर, चौहड़वाला, मीरापुर, कल्लूवाला, हरिपुर, नरायनवाला, माधोवाला, दहलावाला, हरकिशनपुर आदि गांव शराब माफिया के लिए मफीद ठिकाने साबित हो रहे हैं। तड़के होते ही शराब माफिया इन गांव में मौत का जाम पहुंचा देते हैं। शराब पीने से अब तक इन गांव में भी कई लोगों की मौत हो चुकी है। आबकारी निरीक्षक मनोज सिंह का कहना है कि शनिवार संयुक्त अभियान चलाकर चांदपुर में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। दो भट्ठियां नष्ट की गईं। 50 लीटर कच्ची शराब बरामद की गई, जबकि आरोपियों के ठिकाने से 600 किलो लाहन नष्ट किया गया।
वहीं, एसडीएम कुंवर वीरेंद्र कुमार मौर्य और सीओ महावीर सिंह राजावत का कहना है कि उनके ओर से पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारियों को आदेश दे दिए हैं कि वह कच्ची शराब की अवैध तौर पर बेचने वालों पर कार्रवाई करें। महिला कुंती, यशोदा सरोज, सविता, चंदो का कहना है कि उनके क्षेत्र में पुलिस की मिलीभगत से कच्ची शराब का अवैध धंधा फलफूल रहा है।
शिकायत पर नहीं होती कार्रवाई
गांव मीरापुर दक्षिण के महिला संगठन नानकी समूह की अध्यक्ष निर्मल कौर ने शराब माफिया के खिलाफ सड़क से लेकर अधिकारियों के दफ्तर तक अभियान चलाया, लेकिन महिलाओं का अभियान कोई असर नहीं दिखा पाया। यहां भी पुलिस व आबकारी विभाग की मनमानी चली। महिलाओं के अभियान को कुचलने के लिए विभागीय अधिकारियों ने नए षड्यंत्र रचे। कई आरोपियों को धरपकड़ कर मौके पर गिरफ्तार कराया गया, लेकिन क्लीन चिट दे दी गई।
पुलिस आरोपियों की धरपकड़ में लगी
कोतवाल तेजेंद्र सिंह का कहना है कि कच्ची शराब पर रोक लगाने के लिए विभाग भरसक प्रयास कर रहा है। आरोपियों की कुंडली खंगाली जा रही है। जांच कर कड़ी कार्रवाई होगी। रेहड़ थानाध्यक्ष आशीष तोमर का कहना है कि शराब कहीं नहीं बिक रही है। यदि कहीं से सूचना मिलती है तो त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
आबकारी विभाग की टीम ने कई गांवों में मारे ताबड़तोड़ छापे
बिजनौर में जहरीली शराब से तमाम लोगों की मौत होने के बाद पुलिस के बाद अब आबकारी विभाग की टीम भी हरकत में आ गई है। आबकारी विभाग की टीम ने पुलिस को साथ लेकर कई गांवों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान एक गांव में शराब की भट्ठी चलती पकड़ी। टीम ने 500 ग्राम लहन, 50 लीटर शराब, शराब बनाने के उपकरण के साथ एक व्यक्ति को दबोचा है। एक कारोबारी टीम को चकमा देकर भाग गया। जिला आबकारी अधिकारी राजेंद्र कुमार के मुताबिक आबकारी निरीक्षक चांदपुर संजीव सिंह, नजीबाबाद के वीरेंद्र सिंह, नगीना की सविता चौधरी, धामपुर के मनोज कुमार ने अपनी टीम के साथ चांदपुर थाने से स्टाफ लेकर गांव थुरैला में छापा मारा। वहां सुरेश के यहां शराब की भट्ठी चलती मिली। पुलिस ने सुरेश को दबोच लिया। सुरेश के घर से 400 किलो लहन, शराब बनाने के उपकरण व 20 लीटर कच्ची शराब बरामद की। एक व्यक्ति छापेमारी के दौरान भाग गया। लाहन को मौके पर ही नष्ट करा दिया। इसके बाद टीम ने गांव वलीपुर गांवड़ी में ग्राम समाज की खाली पड़ी भूमि में छापा मारकर वहां से 100 किलो लाहन के अलावा 25 लीटर शराब बरामद की। टीम इस जांच पड़ताल में जुटी है कि यहां शराब किसने रखी थी। टीम ने गांव सब्दलपुर में दो-तीन जगह दबिश दीं, पर वहां कुछ नहीं मिला। टीम ने खानपुर गांव में भी शराब के ठिकानों की सूचना पर कई जगह दबिश दीं। वहां से भी टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। टीम की कार्रवाई से शराब का अवैध कारोबार करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। तमाम कारोबारी शराब बनाने के उपकरण छिपाकर भूमिगत हो गए हैं। पुलिस व आबकारी की टीम कारोबारियों की तलाश में लगी है।