बिजनौर में पिता की हत्या के आरोपी को एडीजे मुमताज अली की अदालत ने दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता सलीम अख्तर के अनुसार इस हत्या की रिपोर्ट मृतक अली हसन की पुत्री रेशमा की तरफ से दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि अली हसन अपने पुत्र तसलीम के साथ मोहल्ला जाब्तागंज नजीबाबाद में रहते थे। अली हसन का अपने पुत्र तसलीम से घरेलू बातों को लेकर विवाद था।
तसलीम अपने पिता के चरित्र पर शक करता था। बीमार पिता को देखने वह 17 मई 2015 को अपने पिता के पास गई। आरोप है कि उसका भाई तसलीम पिता को किरतपुर दवाई दिलाने के बहाने शाम सात बजे ले गया। जब सुबह सात बजे तसलीम घर वापस आया तो उसने पिता के बारे में पूछा। जिस पर तसलीम तरह-तरह के बहाने करने लगा और कहा कि पिता का एक्सीडेंट हो गया है।
इस पर वह अपने पति नवाब और तहेरे भाई शमीम को साथ लेकर किरतपुर रोड पर चौकपुरी तिराहे के पास पहुंची। वहां देखा कि उसके पिता अली हसन की खून से लथपथ लाश खाई में पड़ी थी। शरीर पर जगह-जगह गहरी चोटों के निशान थे। रेशमा के मुताबिक तसलीम ने चाकू से गला काटकर पिता की हत्या कर दी थी। हत्या के मामले में अदालत में सुनवाई शुरू हुई। सभी तथ्यों और गवाहों की पेशी के आधार पर कोर्ट ने तसलीम को पिता अली हसन की हत्या का दोषी माना और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 12 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
पुलिस ने हत्या का आरोपी दबोचा
चांदपुर में गांव भगौड़ा निवासी परवीन की हत्या के एक आरोपी को पुलिस ने दबोच लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। मुख्य आरोपी की अभी तलाश की जा रही है। भगौड़ा निवासी धूम सिंह के 25 वर्षीय पुत्र परवीन की मंगलवार रात कनपटी के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शव बुधवार को भगौड़ा जाने वाले कच्चे रास्ते पर इंद्रपाल के बाजरे के खेत में मिला था। परवीन के पिता ने भगौड़ा निवासी जितेंद्र सिंह और बमनौली की मडय्यों निवासी कर्मवीर के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कोतवाली निरीक्षक फतेह सिंह ने बताया कि एक आरोपी कर्मवीर को गिरफ्तार कर लिया गया है। कर्मवीर ने परवीन की हत्या करने में जितेंद्र की मदद की थी। कोतवाली निरीक्षक ने बताया कि फरार आरोपी जितेंद्र की पुलिस को तलाश है।