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इंसान दौलत के नशे में चूर : किफायतुल्ला

Tue, 19 Apr 2016 12:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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सोमवार को बिजनौर-गंज मार्ग पर तब्लीगी इज्तमा में दुआ मांगते अकीदतमंद। - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में तब्लीगी इज्तमा में अकीदतमंदों ने खुदा की बारगाह में हाथ उठाकर दुआएं मांगी। इज्तमा में काफी संख्या में मुसलमानों ने शिरकत की। मौलाना किफायतुल्ला ने फरमाया कि भलाई और अच्छाई का हुक्म करना और बुराई से रोकना निहायत ही जरूरी हे। 
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सोमवार की सुबह मौलाना शरीफ अहमद अमीरे जमात ने इज्तमा में खिताब करते हुए कहा कि हर मुसलमान को चाहिए कि वह इस्लाम धर्म के अनुसार जिंदगी गुजारे। हम सब की ओर दुनिया की भलाई इसी में है कि वो अपने पैदा करने वाले खुदा की इबादत करे। उन्होंने कहा कि खुशनसीब है, वो मुसलमान जिसको अल्लाह ने अपने दीन के लिए कबूल कर लिया।

हर मुसलमान को चाहिए कि वह जमात के रास्ते से दीन के पैगाम को दूसरों तक पहुंचाए। इसके बाद मौलाना किफायतुल्ला ने फरमाया कि भलाई और अच्छाई का हुक्म करना और बुराई से रोकना निहायत ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि इंसान दौलत के नशे में चूर होकर जायज नाजायज और हराम व हलाल की तमीज भूल जाता है। अपने सपनों को पूरा करने के लिए गलत तरीके से काम करता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से मकड़ी बंद कमरे में जाला बुनकर खुश होती है, लेकिन एक दिन मकान मालिक दरवाजा खोलता है और एक झाडू में तमाम जाले को साफ कर देता है। इसी तरह जब किसी इंसान के पाप का घड़ा भर जाता है, तो अल्लाहताला एक ही लम्हे में उसकी ऐशो भरी जिंदगी तबाह कर देते है। 
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इसके बाद,  मुफ्ती किफायतुल्ला के द्वारा दुआ कराने पर दो दिवसीय इज्तमा समाप्त हो गया। यहां से 84 जमाते तैयार की गई। इनको अलग-अलग क्षेत्रों में दीन का काम करे के लिए रवाना किया गया। इज्तमा में मुशर्रत अली, हाजी अब्दुल हकीम, निजामुद्दीन से दिल्ली से आए, मुफ्ती अब्दुल वहाब, कारी अब्दुल हन्नान, मौलाना अशरद महमूद, कारी अनवारूल हक, मौलाना अनवारूल रहमान आदि ने शिरकत की। इज्तमा में हाजी नौशाद, महबूब अहमद, हाजी इस्माइल, हाफिज दिलशाद, इंतजार अहमद, सैय्यद नदीम अली, अब्दुल समी, हाजी मुस्तकीम आदि रहे। 
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