इसके बाद आबिद ने अपने भाई खालिक की गुमशुदगी की रिपोर्ट देहरादून में दर्ज कराई। खालिक का शव थाना किरतपुर क्षेत्र के गांव तहरपुर सबलपुर बितरा मार्ग के पास मिला था। शव को 28 मई 2016 को वहां डाला गया था। इसके बाद आबिद ने उसकी रिपोर्ट थाना किरतपुर में भी दर्ज कराई। पुलिस विवेचना में पता चला कि खालिक की हत्या नौशाद एवं रियासत ने की थी और उसका शव छुपाने के लिए जंगल में डाला था।
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इस मामले में पुलिस ने इन दोनों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट ने नौशाद एवं रियासत को दोषी पाते हुए दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।