अलीगढ़ में दुर्दांत अपराधी मुनीर मेहताब-आशुतोष मिश्रा की जोड़ी को अपने अपराधों की गिनती याद नहीं है। वह याद कर-कर अपने भूले हुए जरायम किस्सों को पुलिस के सामने उगल रहे हैं।
दिल्ली पुलिस की हिरासत में उन्होंने अपने शहर की तीन और घटनाएं स्वीकारी हैं। जिनके सामने आने के बाद पुलिस उन घटनाओं का रिकार्ड खंगालने में लग गई है। इनमें सुरेंद्र नगर में बाइक टकराने पर सामने वाले बाइक सवार को दो गोली मारने और सद्दाम की हत्या से पहले रामघाट रोड पर सीबीजैड बाइक लूट के अलावा नदीम-तरीन हॉल पर एक लूट की घटना शामिल है।
टक्कर के बाद गाली देने पर मारी थी गोली ः मुनीर-आशुतोष ने बताया है कि जुलाई 2014 में रेलवे रोड पर 35 लाख की लूट के बाद वह सुरेंद्र नगर में होकर एटा चुंगी की ओर निकल रहे थे। तभी सुरेंद्र नगर में सामने से आते एक बाइक सवार से उनकी बाइक टकरा गई। यह वही पल्सर बाइक थी, जो उन्होंने लालडिग्गी पर नई बस्ती के व्यक्ति से लूटी थी। सुरेंद्र नगर की भीड़ में सामने से आते बाइक सवार से उनकी बाइक टकरा गई। बाइक टकराने पर कोई दिक्कत नहीं थी। मगर उसने गाली दे दी। इसी बात पर उसे दो गोली मारीं और अपनी बाइक को वहीं छोड़कर वह पैदल-पैदल निकल गए थे। इसी तरह मुनीर ने बताया कि जुबैर संग सद्दाम की हत्या को जाने के लिए उनके पास कोई वाहन नहीं था। इसके लिए उन्होंने रामघाट रोड पर एक सीबीजैड बाइक लूटी थी। इसके अलावा यासिर-फहद के साथ नदीम-तरीन हॉल पर एक नगदी लूट भी शामिल है।