बिजनौर में चांदपुर पुलिस ने वेस्टर्न यूनियन शाखा में लाखों की लूट करने वाले गैंग को दबोच लिया है। गैंग के तीन सदस्यों से लूटे गए दो लाख 60 हजार रुपये, घटना में प्रयुक्त बाइक, दो मोबाइल फोन और दो तमंचे बरामद किए हैं।
एसपी उमेश कुमार सिंह के मुताबिक 28 नवंबर को हीमपुर थाना क्षेत्र के गांव जोगीऔंधा निवासी जितेंद्र कुमार ने चांदपुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि तीन बदमाशों ने चांदपुर स्थित वेस्टर्न यूनियन शाखा में घुसकर लूटपाट की। छह लाख 35 हजार रुपये बदमाश लूटकर ले गए। पुलिस तभी से बदमाशों की तलाश में लगी थी। पुलिस ने चांदपुर की साईंराम कॉलोनी के पास से लूट में शामिल तीन बदमाशों को दबोच लिया। पकड़े गए बदमाशों में मंडावर थाने के गांव रायपुर बेरीसाल निवासी अजय उर्फ अजब सिंह, नहटौर थाने के गांव मुजफ्फरपुर देवीदास निवासी कृष्णा उर्फ काले और नहटौर थाने के गांव फलौदी निवासी दिपिन शामिल हैं। पुलिस ने पकड़े गए बदमाशों के पास से लूट के दो लाख 60 हजार रुपये, दो तमंचे, बाइक, दो मोबाइल बरामद की हैं। इस दौरान गांव रायपुर बेरीसाल निवासी कामेंद्र अंधेरे का लाभ उठाकर भाग निकला। पुलिस उसकी तलाश में है।
पकड़े गए बदमाश अजय उर्फ अजब सिंह ने पुलिस को बताया कि गांव के कामेंद्र ने उससे बताया था कि उसका साला गांव जोगीऔंधा निवासी जोगेंद्र चांदपुर के ढाली बाजार बंसल मार्केट में वेस्टर्न यूनियन शाखा में कर्मचारी है। वहां से पांच-छह लाख रुपये मिलने की संभावना है। कामेंद्र ने दो माह पूर्व जितेंद्र के कार्यालय की रैकी कराई और बताया कि कार्यालय में कोई कैमरा नहीं लगा है। कार्यालय में एक हूटर लगा है, उसके तार तोड़ने हैं। अजय अपने रिश्तेदार कृष्णा, काले और दिपिन के साथ 28 नवंबर की रात करीब नौ बजे जितेंद्र के ऑफिस में पहुंचा और वहां से नगदी लूटकर फरार हो गया। पैजनियां के पास ट्यूबवैल पर जाकर लूट की रकम बांटी। अजय उर्फ अजब सिंह पांच बार जेल जा चुका है। उस पर हत्या के दो, हत्या के प्रयास व लूट का सामान खरीदने समेत 16 मुकदमे दर्ज हैं। कृष्णा उर्फ काले पर आठ, दिपिन पर पांच मुकदमे दर्ज हैं। फरार कामेंद्र पर भी आठ मुकदमे दर्ज हैं। एसपी ने गैंग को पकड़ने वाली टीम में शामिल चांदपुर के प्रभारी निरीक्षक विरेंद्र सिंह, एसआई श्याम सिंह, सिपाही दिनेश कुमार, सचिन, रवि मलिक, नागेंद्र, प्रवीण मौर्य सहित पूरी टीम को इनाम देने की घोषणा की है।
रवि मलिक की वजह से पकड़ा गया गैंग
पकड़ा गया गैंग हल्दौर में तैनात सिपाही रवि मलिक की बदौलत पकड़ा गया। लूट की घटना के बाद अखबारों में लूट में शामिल बदमाशों के सीसीटीवी फुटेज से लिए फोटो छपे थे। रवि मलिक बदमाश कृष्णा को अच्छी तरह पहचानता था। उसने कृष्णा को पहचान लिया। कृष्णा ने भी जब अखबार में अपना फोटो छपा देखा तो एक मामले में अपनी जमानत तुड़वाकर वह जेल चला गया। जब उसने देखा कि पुलिस उसकी तलाश में नहीं है तो वह जमानत कराकर जेल से बाहर आ गया। सिपाही रवि मलिक की मदद से पुलिस ने उसे दबोच लिया। रवि कृष्णा को नहीं पहचानता तो पुलिस का गैंग तक पहुंचना मुश्किल काम था। कृष्णा को जानलेवा हमले के मामले में पांच साल की सजा हुई है। वह जमानत कराकर जेल से बाहर आया हुआ है। वहीं, पकड़े गए बदमाश अजय ने 2015 में पांच लाख रुपये की सुपारी लेकर अपने गैंग के साथ कोतवालीदेहात थाने के गांव पित्तनहेड़ी निवासी वहाजुद्दीन की रोडवेज बस में गोली मारकर हत्या कर दी थी। मुजीब से सुपारी लेकर उसने इस घटना को अंजाम दिया था।