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किसानों ने मिल में पकड़ा गन्ने की अवैध खरीद का खेल

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बिजनौर। वेब शुगर इंडस्ट्रीज की बिजनौर शुगर मिल में गन्ने की अवैध खरीद का खेल पकड़ा गया है। मिल में दूसरे क्षेत्र के गन्ने से भरे छह ट्रक को भाकियू के कार्यकर्ताओं और किसानों ने पकड़ है। किसानों ने मिल प्रशासन व गन्ना विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे मिल के सीजीएम व जिला गन्ना अधिकारी को किसानों ने बंधक बनाकर साथ बैठा लिया। किसानों का आरोप है कि मिल किसानों को पर्ची नहीं दे रही और बाहर से अवैध तरीके से गन्ना खरीद रही है। वहीं मिल के प्रशासनिक अधिकारी का कहना है कि गन्ना वेब शुगर इंडस्ट्री चांदपुर मिल का है। मिल एक ही इंडस्ट्री के होने के कारण चांदपुर का गन्ना यहां पेराई कर सकती है। उधर, किसानों के तल्ख तेवर देख मिल संचालक बैकफुट पर आ गए।
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सोमवार सुबह करीब नौ बजे मिल में किसानों ने बिजनौर शुगर मिल के केन यार्ड में सामान्य गन्ने से भरे कई ट्रक खड़े देखे। मिल द्वारा सामान्य गन्ने की बहुत कम पर्ची भेजी जा रही हैं। इस पर किसानों ने हंगामा करते हुए ट्रकों से गन्ना उतरवाने का काम रुकवा दिया। छह ट्रकों से गन्ना नहीं उतरने दिया। मामले का पता चलने पर भाकियू जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह, मंडल महासचिव अतुल कुमार आदि मिल पहुंच गए। किसानों ने ट्रकों पर यूनियन का झंडा गाड़ दिया। पता चला कि गन्ना जहां से लाया गया है वह बिजनौर शुगर मिल का क्षेत्र नहीं है। आक्रोशित किसानों ने कहा कि मिल प्रशासन उन्हें पर्ची नहीं दे रहा और दूसरे मिल क्षेत्र का गन्ना अवैध तरीके से खरीद रहा है। वेब शुगर इंडस्ट्री के सीजीएम जीआर तनेता व जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह मिल पहुंचे तो किसानों ने उन्हें बंधक बनाकर बैठा लिया। किसानों ने सीजीएम से उन्हें सामान्य प्रजाति के गन्ने की पर्ची देने को कहा तो सीजीएम ने मना कर दिया। इस पर जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने उन्हें अधिकारियों के सामने ही खरीखोटी सुनाई और कहा कि अगर किसानों को सामान्य गन्ने की पर्ची नहीं दी गई तो वे जिला गन्ना अधिकारी के कार्यालय में गन्ना भर देंगे। दोनों अधिकारियों को करीब डेढ़ घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया। पकड़े गए ट्रकों के गन्ने का भुगतान गन्ना समिति बिजनौर को करने, मिल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई करने व किसानों को 25 प्रतिशत इंडेंट सामान्य प्रजाति के गन्ने का जारी करने के आश्वासन पर किसान शांत हुए। करीब एक बजे किसानों की मिल में पंचायत खत्म हुई। इस संबंध में मीडिया ने सीजीएम तनेजा से बात करने की कोशिश की तो वे मीडिया से दूर भागते रहे। फोन पर भी बात नहीं की। उधर, मिल के प्रशासनिक अधिकारी एके सिंह के अनुसार गन्ना वेब शुगर इंडस्ट्री की चांदपुर मिल का था। मिल एक ही इंडस्ट्री का होने के कारण मिल चांदपुर का गन्ना यहां पेराई कर सकती है।

अवैध गन्ना खरीदकर घटा रहे किसानों का इंडेंट
बिजनौर शुगर मिल की पेराई क्षमता 25 हजार क्विंटल प्रतिदिन है। किसानों के एक ट्रक व ट्राले में 250 क्विंटल गन्ना तक भरा जाता है। अगर मिल अवैध तरीके से खरीदा गया दस ट्रक गन्ना भी रोज पेराई के लिए लाते हैं तो इससे किसानों का ढाई हजार क्विंटल का इंडेंट कम होता है।
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चालान में अर्ली प्रजाति दिखाई
किसानों ने जो ट्रक पकड़े उनमें सामान्य प्रजाति का गन्ना भरा था, जबकि ट्रकों को दिए गए चालान में गन्ने की प्रजाति अर्ली दिखाई गई थी। जिला मुख्यालय पर अवैध गन्ने की खरीद का यह गोलमाल किया जा रहा था।
क्या लगेगी रासूका
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व गन्ना मंत्री सुरेश राणा कई सभाओं में गन्ना माफिया के खिलाफ रासुका लगाने की बात कह चुके हैं। किसानों ने बिजनौर मिल में ही अवैध गन्ने की खरीदारी का खेल पकड़ लिया है। खुलेआम अवैध गन्ना खरीदा जा रहा है। मिल में अवैध गन्ने की खरीद का मामला उजागर होने पर गन्ना विभाग के अधिकारी भी बैकफुट पर हैं।
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