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अपहृत आशीष का शव रामगंगा नदी से बरामद

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यमुनानगर (हरियाणा) के ध्यानार्थ
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21 सितंबर की रात 14 लोगों ने आशीष का टीचर्स कालोनी से किया था अपहरण
छह नामजदों में से एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश में पुलिस ने दी दबिश
फोटो दो

अमर उजाला ब्यूरो
धामपुर (बिजनौर)। नगर की टीचर्स कॉलोनी से 21 सितंबर की रात अपहृत किए गए आशीष त्यागी का शव सोमवार को स्योहारा थाना क्षेत्र में रामगंगा नदी से सड़ी गली अवस्था में बरामद हो गया। इसकी सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया है। धामपुर और स्योहारा पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को नदी से बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर, पुलिस ने इस मामले में नामजद एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
चांदपुर थाने के गांव नायक नंगला निवासी युद्धवीर सिंह ने बताया कि उनका 27 वर्षीय पुत्र आशीष त्यागी धामपुर में टीचर्स कॉलोनी में खेमचंद सिंह के मकान में अपने कुछ अन्य साथियों के साथ किराए पर रहता था। आशीष यमुनानगर (हरियाणा) में वन विभाग में नौकरी करता था। 21 सितंबर की रात को उनका पुत्र आशीष अपने साथियों किराए के मकान में सो रहा था। आरोप है कि रात में करीब साढ़े 12 बजे के शक्तिनगर धामपुर निवासी बंटी चौहान व दीपक चौहान, टीचर्स कालोनी निवासी खेमचंद, भवित, शिवाकर चिकारा, रजत बेनियाल आदि उसके मकान पर पहुंचे और आवाज लगा गेट खुलवाया। गेट के खुलते ही सभी आरोपी उसके पुत्र के कमरे में घुस गए। इस मौके पर उसके साथी मौके से भाग गए जबकि आरोपी आशीष का अपहरण कर गाड़ी में डालकर अपने साथ ले गए। इस दौरान उसको गोली मारी गई। इस मामले में कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई तो पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। सीओ महावीर सिंह ने बताया कि आशीष की खोजबीन के मामले में दो टीमें बनाई थी। सोमवार सवेरे जब पुलिस आशीष को तलाशने में लगी थी तब धामपुर में स्योहारा चुंगी के पास मामले में नामजद किया गया खेमचंद पुलिस की गिरफ्त में आ गया। उसकी निशानदेही पर अपहृत आशीष का शव रामगंगा से बरामद किया गया। शव को देखने से लग रहा था कि उसे गोली मारी गई है। गोली आशीष की बाई कोख की ओर से शरीर में घुसी मिली है। आरोपियों ने आशीष की घटना वाले दिन की हत्या कर उसके शव को नदी में फेंक दिया है।
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मकान मालिक की पत्नी से पूछताछ
कोतवाल संजय कुमार पांचाल का कहना है कि पुलिस की ओर से आरोपी खेमचंद की पत्नी को भी सबूत मिटाने के आरोप में दोषी मानकर पूछताछ की जा रही है। कोेतवाल के मुताबिक आरोपी खेमचंद की पत्नी ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने घटना वाले दिन ही आशीष को उनके घर पर ही गोली मार दी थी। गोली लगने से घर में बिखरे खून को उसने व उसके पति सबूतों को नष्ट करने के उद्देश्य से पानी से साफ कर दिया था।
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आशीष की हत्या कहीं आरोपियों ने बदले की भावना से तो नहीं की ?
कोतवाल का कहना है कि आशीष पर धामपुर कोतवाली में करीब सात मुकदमे है। इनमें चोरी, मारपीट, हत्या का प्रयास करने, शराब पीकर लोगों से गाली गलौच का आरोप है। सभी सातों मुकदमे कोर्ट में विचाराधीन है। बताया कि आशीष का अक्सर आरोपियों से झगड़ा फसाद चलता रहता था। कुछ दिनों पहले भी एक होटल में एक आरोपी के भाई के साथ आशीष की मारपीट भी हुई थी। इसे लेकर आशीष से आरोपी खफा थे। माना जा रहा है कि आरोपियों ने बदले की भावना से आशीष की हत्या कर शव को नदी में फेंका है। पुलिस मामले की गहराई से जांच में लगी है।
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