धारा सिंह को हिरासत में रखने के आरोप से पूर्व विधायक बरी
अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर।
एडीजे संदीप जैन ने जिला पंचायत सदस्य धारा सिंह को अवैध रूप से हिरासत में रखने के आरोपी पूर्व विधायक रुचिवीरा और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष उदयन वीरा सहित चार को दोष सिद्ध न होने पर बरी कर दिया है।
थाना नजीबाबाद के गांव बिजौरी निवासी बीरबाला ने थाना नजीबाबाद में रिपोर्ट दर्ज कराई थी उसके पति धारा सिंह जिला पंचायत के वार्ड नंबर 14 से सदस्य हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष उदयन वीरा के खिलाफ डाले गए अविश्वास प्रस्ताव में उसके पति ने शपथ पत्र दिया था। इसकी वजह से उदयन वीरा का खेमा उसके पति से नाराज था। 30 जून 2017 को उसके पति अपने व्यक्तिगत काम से नजीबाबाद गए थे। जब वह मोटर साइकिल से गांव लौट रहे थे तो स्टेशन रोड पर गाड़ी से बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सतपाल सिंह, पूर्व विधायक रुचिवीरा, चमन त्यागी, सलीम व जिला पंचायत अध्यक्ष उदयन वीरा दो-तीन अज्ञात व्यक्तियों के साथ आए और उसके पति की मोटर साइकिल के आगे गाड़ी लगा दी और हथियारों के बल पर उसके पति को जबरन उठाकर गाड़ी में डाल लिया और उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया व अपहरण कर बिजनौर की ओर ले गए।
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने उदयन वीरा कऐ धर्मनगरी स्थित आवास से धारा सिंह को बरामद किया था। इस मामले में पुलिस ने पूर्व विधायक रुचिवीरा, तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष उदयन वीरा, सलीम और खुशनूद खां के खिलाफ धारा 342 आईपीसी व धारा 3(1),10 अनुसूचित जाति अत्याचार अधिनियम के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। सतपाल सिंह व चमन त्यागी का नाम निकाल दिया था। कोर्ट में गवाही के दौरान धारा सिंह ने अपना अपहरण होने, उसे अवैध रूप से हिरासत में रखने व जातिसूचक शब्दों से अपमानित किए जाने की घटना से इंकार कर दिया। वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल चौधरी के अनुसार कोर्ट ने इस मामले में आरोप सिद्ध न होने पर चारों आरोपियों पूर्व विधायक रुचिवीरा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष उदयन वीरा, खुशनूद खां, सलीम को कोर्ट ने बरी कर दिया है।