बिजनौर। किरतपुर इलाके के ढाकी हुसैनपुर गांव के इस्लामिक विजन स्कूल में देश से फरार जाकिर नाईक को नायक बताकर पढ़ाई जा रही किताब का मामला गृह मंत्रालय के दरबार में पहुंच गया है । खुफिया विभाग की टीम इस मामले में जांच करने में जुट गई है। टीम यह खंगाल रही कि किस मकसद से स्कूलों में इस किताब को पढ़ाया जा रहा था।
देश से फरार जाकिर नाईक को इस्लामिक जगत की अन्य हस्तियों के साथ हीरो बताकर पढ़ाया जा रहा था। यह किताब स्कूल के पाठ्यक्रम में नहीं थी फिर भी इस किताब को खुलेआम पढ़ाया जा रहा था।
अमर उजाला ने 30 जनवरी के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो खलबली मच गई । बेसिक शिक्षा विभाग की टीम इस मामले में जांच में जुट गई। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि स्कूल में यह किताब पढ़ाई जा रही थी। स्कूल को जवाब देने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से नोटिस भी भेजा गया। यह पूरा मामला गृह मंत्री राजनाथ सिंह के दरबार में चला गया है। गृह मंत्रालय की ओर से भी इस मामले में जांच शुरू करा दी गई है। खुफिया विभाग की टीम जांच करने में जुटी । टीम इस्लामिक विजन स्कूल के अलावा अलीगढ़ व दिल्ली के उन स्कूलों की भी जांच कर रही है जहां यह किताब पढ़ाई जा रही थी। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि किसलिए किताब स्कूल में छोटे बच्चों को पढ़ाई जा रही है। किताब पढ़ाने के पीछे क्या राज था। किताब किन लोगों ने स्कूल में पढ़ाने के लिए भेजी है।