दरोगा हत्याकांड : बावरिया गैंग भी आया शक के दायरे में
बिजनौर। दरोगा सहजोर मलिक का कही बावरिया गैंग ने तो हत्या नहीं की है। पुलिस बावरिया गैंग का इस कांड में हाथ होने का शक कर रही है। पुलिस बावरिया गैंग का खंगाल रही है। पुलिस मान रही है कि जिस तरह धारदार हथियारों से दरोगा को बेरहमी से काटा गया है। ऐसे बावरिया गैंग ही काटता है।
पुलिस की समझ में यह नहीं आ रहा कि दरोगा की हत्या किसने किया। पुलिस दरोगा की कथित प्रेमिका से लेकर ही बिंदु को खंगाल चुकी है, पर पुलिस को कोई क्लू नहीं मिल पाया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक एडीजी बरेली ब्रजराज मीणा ने भी पुलिस की नींद उड़ा दी है। उन्होंने पुलिस अफसरों से साफ कह दिया है कि जब तक दरोगा लूटा पिस्टल नहीं मिलेगा। वह दरोगा हत्याकांड का खुलासा सहीं नहीं मानेंगे। ये ही वजह है कि पुलिस की कई टीम दरोगा के पिस्टल को खंगालाने में जुटी है। पिस्टल ढूंढना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। पुलिस अब दरोगा हत्याकांड में बावरिया गैंग का हाथ मान कर चल रही है। पुलिस को शक है कि बावरिया गैंग ने तो इस घटना को अंजाम नहीं दिया। बरसात में बावरिया गैंग सक्रिय रहता है। यह गैंग ही वारदात के दौरान धारदार हथियारों का इस्तेमाल करके बेरहमी से लोगों को काट डालता है। घटना के दिन यह गैंग दरोगा सहजोर को टकरा गया होगा। अकेले दरोगा गैंग से उलझ गए होंगे। गैंग ने धारदार हथियार से उन्हें काटकर पिस्टल लूट लिया होगा। पुलिस की एक टीम बावरिया गैंग पर काम कर रही है। पुलिस अफसरों के मुताबिक घटना के किसी बिंदु को छोड़ा नहीं जा रहा।
पाठल को खंगालने में जुटी पुलिस
मंडावर । पुलिस ने मौके से मिली पाठल को खंगालाना शुरू कर दिया है। पुलिस टीम पाठल को लेकर उत्तराखंड के राइस व लक्सर इलाके में एक तो वहां के लोगों ने पुलिस को बताया कि इस तरह की पाठल मुजफ्फरनगर के इलाके में मिलती है। मौके से मिली पाठल का आगे से मुंह गोल है। ऐसी पाठल बिजनौर जिले में नहीं मिलती है। एसपी सिटी रामधारी चौरसिया व एसपी देहात दिनेश सिंह की अगुवाई में पुलिस की टीम ने मौके से बालावाली को जाने वाले रास्ते पर जांच पड़ताल की। इस पूरे रास्ते का टीम ने फिर से खंगाला। टीम ने कई और बिंदुओं पर जांच की ।