रावण के परिजनों को मिलेगा
पांच लाख का मुआवजा
अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर।
चार साल पहले पेशी पर ले जाए जाते समय रोडवेज बस स्टेंड पर गैंगवार में मारे गए गौतमबुद्ध नगर के बदमाश नरेंद्र उर्फ नंदू उर्फ रावण के परिजनों को पांच लाख रुपये की अंतरिम राहत राशि मिली है। मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली की संसुति के बाद दोषी पाए गए कर्मचारियों से वसूलकर यह रकम उसके परिजनों को दी जाएगी।
16 दिसंबर 2012 को गौतमबुद्ध नगर जिले के दादरी थाना क्षेत्र के गांव नंगला नैनमुख निवासी नरेंद्र उर्फ रावण को मुजफ्फरनगर जेल से बिजनौर जेल शिफ्ट किया गया था। 11 फरवरी 2013 को नरेंद्र उर्फ रावण को बिजनौर में रोडवेज बस स्टैंड पर अमित कसाना व सुंदर भाटी गैंग में चल रही गैंगवार में स्कॉर्पियों में सवार बदमाशों ने गोलियों से भून डाला था। जबाव में पुलिस की ओर से चलाई गोली से एक बदमाश ढेर हो गया था और एक घायल हो गया था। घायल बदमाश को साथी गाड़ी में डालकर ले गए थे। इस दौरान बदमाशों की गोली से दो रिक्शा चालक भी घायल हो गए थे।
उत्तर प्रदेश शासन के अनुसचिव डॉ. गिरीशचंद खरे ने पुलिस महानिरीक्षक कारागार प्रशासन व सुधार सेवाएं को निर्देश दिए हैं कि नरेंद्र उर्फ रावण की मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार नई दिल्ली की संस्तुति पर उसके आश्रितों व परिजनों को पांच लाख रुपये की अंतरिम राशि का भुगतान किया जाना है। यह धनराशि वर्ष 2017-18 में इस शर्त के अधीन प्रदान की जाएगी कि मुआवजे की राशि दोषी कर्मचारियों से वसूलकर राजकोष में जमा कराई जाए।
- चार साल पहले बिजनौर में हुई थी रावण की हत्या, दोषी कर्मचारियों से वसूली जाएगी रकम