पुलिस की सख्ती से गोतस्कर भूमिगत
बिजनौर।
जिले में पुलिस प्रशासन ने गोकशी पर लगाम कस दी है। गोवंश तस्करी भी रुक गई है। तस्करों ने चोरी छिपे गोवंश को लाना बंद कर दिया है। पिछले पांच माह में गोकशी करने वाले 120 लोगों पर गैंगस्टर लगाई है। गोकसी करने वालों पर इतनी बड़ी कार्रवाई पहली बार हुई है। पुलिस की सख्ती के आगे तमाम गोकशी करने वाले और तस्कर भूमिगत हो गए हैं।
जिले में गोकशी का खेल खुलेआम होता था। काजीवाला, भोगनवाला समेत कई गांव गोकशी के लिए बदनाम रहे हैं। पुलिस की सख्ती के बाद भी चोरी छिपे गोकशी का खेल चलता रहा। गोवंश तस्कर रात के अंधेरे में कटान के लिए पशुओं को बिजनौर जिले के जंगलों के रास्ते से निकालते रहे। बिजनौर से होकर कटान के लिए पशु बिजनौर के कई शहरों के अलावा रामपुर तक जाते रहे हैं। सपा सरकार के दौरान तो रामपुर में कटान के लिए खुलेआम पशु जाते थे। पांच माह पूर्व एसपी प्रभाकर चौधरी ने गोकशी और तस्करी पर लगाम लगाने की ठान ली। लोग चोरी छिपे गोकशी और पशुओं की तस्करी की सूचना पुलिस को देते रहे।
पुलिस ने कई जगह ताबड़तोड़ छापे मारकर रंगे हाथों गोकशी पकड़वाई और गोवंश के तस्करों को दबोचा। पुलिस की कार्रवाई से गोकशी करने वालों में हड़कंप मच गया। गोकशी करने वालों के साथ तस्करी करने वाले तमाम लोग भूमिगत हो गए। जो पकड़े गए उनके खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। गोकशी और तस्करी में मेरठ, मुजफ्फरनगर और रामपुर के लोग शामिल रहे हैं। ऐसे सभी लोगों को पुलिस ने सलाखों के पीछे धकेल दिया है। जिले में पांच माह के भीतर 120 गोकशी और तस्करी करने वालों पर गैंगस्टर लगाई गई है। इतनी बड़ी कार्रवाई पहले कभी नहीं हुई।
किसी सूरत में नहीं होनेे देंगे गोकशी : एसपी
एसपी प्रभाकर चौधरी के मुताबिक जिले में गोकशी और तस्करी किसी सूरत में नहीं होने दी जाएगी। चाहे इसके लिए उन्हें कितने भी कड़े कदम क्यों न उठाने पड़े। उन्होंने बताया कि अब तक ऐसे 120 लोगों पर गैंगस्टर लगाई गई है। ये सब लोग सलाखों के पीछे हैं। मेरठ के दो लोग फरार हैं, पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।