बिजनौर। जिला उपभोक्ता फोरम ने खाताधारक श्यामलाल की मौत के मामले में सर्व यूपी ग्रामीण बैंक और बजाज एलायेंस इंश्योरेंस कंपनी को आदेशित किया है कि एक लाख रुपये की बीमा क्लेम धनराशि का भुगतान 30 दिन के अंदर मृतक की पत्नी राजबाला देवी को किया जाए।
तहसील चांदपुर के गांव भोगपुर निवासी राजबाला ने फोरम में दायर परिवाद में कहा था कि उसके पति श्यामलाल पेशे से कृषक थे। अपनी खेती की जरूरतों के लिए उन्होंने सर्व यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा रसूलपुर नंगला से 27 जून 2013 से 26 जून 2018 तक का पांच वर्ष की अवधि के लिए कृषि कार्ड लिया था। इसकी लिमिट दो लाख दस हजार रुपये थी। कृषि कार्ड का इस्तेमाल पैसा निकालने एवं जमा करने में किया जा रहा था। बैंक ने बजाज एलायेंस इंश्योरेंस कंपनी से कृषि कार्ड धारक श्यामलाल का एक लाख रुपये का बीमा कर रखा था। उसके पति की 31 जुलाई 2014 को ट्यूबवेल चलाते समय बिजली का करंट लगने से मौत हो गई थी। मृत्यु की सूचना सर्व यूपी ग्रामीण बैंक को दे दी गई थी और बीमा क्लेम से संबंधित सभी कागजात बैंक को दे दिए गए थे। बैंक अधिकारियों ने बीमा क्लेम का शीघ्र भुगतान कराने का आश्वासन दिया था। मगर, भुगतान नहीं किया गया। इस संबंध में बैंक द्वारा कहा गया कि श्यामलाल की मौत की सूचना उसकी मौत के करीब एक साल बाद दी गई थी। इस मामले में अपने आदेश में फोरम के अध्यक्ष एचजेएस सुधीर कुमार और महिला सदस्य बबीता देवी द्वारा दिए गए आदेश में कहा गया कि मृतक श्यामलाल की पत्नी राजबाला ने समस्त कागजात बैंक को 22 अगस्त 2014 को उपलब्ध करा दिए गए थे जो बैंक द्वारा समय से बीमा कंपनी को 22 अगस्त 2015 तक बिना किसी उचित कारण के नहीं भेजे गए थे। बीमा कंपनी ने भी उचित जांच कराने के बाद भी बीमा क्लेम का निस्तारण नहीं किया । विलंब की तकनीकी कमी के कारण बीमा क्लेम निरस्त कर दिया। इस मामले में फोरम ने माना कि बैंक और बीमा कंपनी ने अपने दायित्वों का उचित निर्वहन नहीं किया और उनकी ओर से लापरवाही बरती गई। फोरम ने बैंक और बीमा कंपनी को आदेशित किया है कि वह श्यामलाल के बीमा क्लेम से संबंधितभुगतान 30 दिन के अंदर दें। परिवाद दाखिल करने से भुगतान तक छह प्रतिशत का ब्याज भी देय होगा। फोरम ने मानसिक पीड़ा के लिए पांच हजार और मुकदमा खर्च के दो हजार रुपये की धनराशि भी बैंक तथा बीमा कंपनी द्वारा मृतक की पत्नी को देने के आदेश दिए हैं।