बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद ने तबस्सुम हत्याकांड में मृतका के पति समेत तीन आरोपियों को आजीवन कारावास व 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता श्याम स्वरूप शर्मा के अनुसार चांदपुर के मोहल्ला चिम्मन निवासी जफर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बहन तबस्सुम का निकाह जनपद जेपीनगर के थाना नौगांवा सादात के गांव सिकरिया निवासी इजहारूल के साथ हुआ था। लड़का पैदा न होने का ताना देकर व तबस्सुम को परेशान करता था और उसे जान से मारने की धमकी देता था। परेशान होकर तबस्सुम के माता-पिता ने फीना कॉलोनी में एक प्लॉट खरीदा और मकान बनाकर तबस्सुम को दे दिया था। मकान बेचने को लेकर इजहारूल तबस्सुम से मारपीट करता रहता था। घटना से 15-20 दिन पहले वह अपनी बहन को घर ले आया था। इजहारूल तबस्सुम से माफी मांगकर उसे फिर अपने साथ ले गया। जफर के अनुसार दस जून 2013 वह अपने भाई, बहन व मामा के साथ अपनी बहन तबस्सुम के घर गया था। रात 11 बजे उन्होंने फायर की आवाज सुनी। इजहारूल ने अपने साथियों मरगूब व मुजाहिद, नौशाद के साथ मिलकर तबस्सुम की गोली मारकर हत्या कर दी। इस मामले में पुलिस ने इजहारूल के पास से हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद किया था। कोर्ट ने इस मामले में उपलब्ध साक्ष्य व गवाहों के बयान के आधार पर तबस्सुम के पति इजहारूल व उसके साथियों मुजाहिद, मरगूब को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोष सिद्ध न होने पर नौशाद को बरी कर दिया है।