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छात्रा का शव सीएचसी में छोड़कर भागा सहपाठी

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नहटौर (बिजनौर)। बाइक से गिरकर घायल हुई छात्रा को उपचार दिलाने के लिए उसका दोस्त घंटों तक संघर्ष करता रहा। निजी नर्सिंग होम के संचालकों ने उसे भर्ती से इंकार किया तो वह घायल छात्रा को सीएचसी के लिए लेकर दौड़ा। लेकिन जब तक बहुत देर हो चुकी थी। सीएचसी में छात्रा को मृत घोषित करने पर वह पुलिस के डर से शव को वहीं छोड़कर फरार हो गया। निजी नर्सिंग होम की सीसीटीवी फुटेज से युवक को पकड़ लिया गया। पूछताछ करने के बाद उसका चालान कर दिया गया।
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नगर के एक मोहल्ला निवासी एक किशोरी जेवीएम इंटर कॉलेज में कक्षा 10 की छात्रा थी। वह बुधवार दोपहर बैंक पास बुक में एंट्री कराने के लिए घर से निकली थी। शाम तक वह वापस नहीं आई तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। रात में करीब दस बजे छात्रा का शव सीएचसी में होने का पता चला। बताया जाता है कि छात्रा अपने दोस्त गांव करीमपुर निवासी आसिफ पुत्र खुर्शीद से मिलने गई थी। वह शाम को उसे छोड़ने नहटौर आ रहा था। रास्ते में गांव महमूदपुर भिक्का और सीकरी बुजुर्ग के बीच सामने से आ रहे मैक्स वाहन को बचाने के चक्कर में बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। इसमें छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई। जबकि युवक भी मामूली घायल हुआ।
युवक घायल छात्रा को उपचार दिलाने के लिए नूरपुर मार्ग स्थित एक निजी अस्पताल में पहुंचा। पुलिस केस होने की वजह से निजी नर्सिंग होम में उसे उपचार देने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद वह कई अन्य निजी अस्पतालों में गया, लेकिन कहीं भी उसे उपचार नहीं दिया गया। इसके बाद युवक एक प्राइवेट एंबुलेंस से छात्रा को सीएचसी में लेकर पहुंचा, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
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छात्रा को उपचार दिलाने के लिए उसका दोस्त घंटों तक संघर्ष करता है। छात्रा की मौत होने पर पुलिस के डर से युवक सीएचसी में शव छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने निजी नर्सिंग होम के सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू किया। सिटी अस्पताल के कैमरे की फुटेज से युवक की पहचान हो पाई। पुलिस ने घायल युवक को पकड़कर क्षतिग्रस्त बाइक को बरामद कर लिया। छात्रा के भाई ने युवक पर दुघर्टना करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी। कोतवाल चंद्रकिरण ने बताया कि आरोपी युवक का चालान कर दिया गया है।

आपसी सहमति पर दफन हुआ छात्रा का शव
नहटौर। छात्रा के शव को कब्रिस्तान में दफनाने को लेकर भी विवाद हो गया। कुछ लोगों ने बाहरी परिवार होने का हवाला देते हुए बिरादरी के कब्रिस्तान में छात्रा का शव दफनाने से इनकार कर दिया। मामला पुलिस के पास पहुंचा तो बमुश्किल दोनों पक्षों में छात्रा का शव दफनाने की सहमति बनी। छात्रा का शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा और उसके दफनाने की तैयारी शुरू हो गई। बिरादरी के कुछ लोगों ने परिवार के बाहरी होने का हवाला देते हुए छात्रा का शव बिरादरी के कब्रिस्तान में दफनाने पर रोक लगा दी। सलमानी बिरादरी के कब्रिस्तान में शव दफनाने पर रोक लगाने का मामला पुलिस तक जा पहुंचा। पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों को थाने बुलाया और मामले को समझौता कराया।

पुलिस का डर बना छात्रा की मौत की वजह
नहटौर। पुलिस का डर घायल छात्रा की मौत की वजह बन गया। आसिफ घायल छात्रा को लेकर निजी अस्पताल में पहुंचा, लेकिन वहां पुलिस के चक्कर से बचने के लिए छात्रा को भर्ती नहीं किया गया। पुलिस केस का हवाला न देकर यदि चिकित्सक अपना फर्ज निभाते तो शायद छात्रा की जिंदगी बच जाती। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बाहर रेफर किया जा सकता था। अस्पताल में भर्ती करने के बाद भी पुलिस को बुलाया जा सकता था, लेकिन चिकित्सकों ने ऐसा कुछ भी नहीं किया। पुलिस सड़क सुरक्षा सप्ताह मना रही है, लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। ऐसे में मार्गों के बीच पड़ने वाले चिकित्सालयों को भी जागरूक किया जाना चाहिए कि वह पहले घायल का उपचार करें, उसके बाद पुलिस को सूचना दें। ताकि किसी और घायल को इस तरह अपनी जिंदगी से हाथ न धोना पडे़।
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