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रात पर चला अभियान, जेसीबी और कई खनन वाहन सीज

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नजीबाबाद। आखिरकार प्रशासन ने अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ अपना रुख कड़ा कर लिया। प्रशासन ने एक ही रात में बोल्डर (पत्थर) से लदे 10 भारी वाहनों, मिट्टी खनन में जुटी एक जेसीबी और पांच ट्रैक्टर ट्रॉलियों को सीज कर दिया। प्रशासन की कार्रवाई से यूपी और उत्तराखंड के खनन माफिया और ट्रांसपोर्टरों में हड़कंप मच गया।
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एसडीएम डॉ. पंकज वर्मा, सीओ अरुण कुमार सिंह ने पुलिस बल के साथ शुक्रवार की रात कोटद्वार मार्ग पर गश्त की और नजीबाबाद की आ रहे खनन वाहनों को रोककर चेकिंग की। अलग-अलग जगहों पर की गई चेकिंग में खनन वाहनों पर रवन्ने तो मिले, मगर इस पर दर्ज सामग्री से अधिक खनिज सामग्री वाहनों में लदी मिली। प्रशासन ने क्षमता से काफी अधिक ओवरलोडिंग मिलने को गंभीरता से लेते हुए दर्जन भर वाहनों को कब्जे में ले लिया। सभी वाहनों को नजीबाबाद स्थित मंडी समिति परिसर में लाकर खड़ा कर दिया गया। एसडीएम की संस्तुति पर एआरटीओ बिजनौर और पुलिस ने सभी 12 वाहनों को सीज कर दिया।
उधर, उत्तराखंड के हरिद्वार दिशा से भागूवाला क्षेत्र में पहुंचे खनन वाहनों को मंडावली पुलिस ने पकड़ा। खनन वाहनों को कब्जे में लेकर मंडावली थाना परिसर में खड़ा कराया गया। रेत-बजरी, पत्थर, आरबीएम और मिट्टी के अवैध खनन को रोकने, ओवरलोडिंग बंद कराने को लेकर एसडीएम के सख्त तेवर को देखते हुए मंडावली पुलिस भी हरकत में आई। एसआई अमरपाल ने रहमापुर के जंगल क्षेत्र से मिट्टी के ढुलान में जुटीं दो ट्रैक्टर ट्रॉलियों को कब्जे में लेकर सीज किया। इसके साथ ही एक जेसीबी मशीन और तीन ट्रैक्टर ट्रॉलियों को कब्जे में लिया गया।
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प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्रवाई से अवैध खनन करने वालों और ओवरलोडिंग करने वाले बेपरवाह ट्रांसपोर्टरों में हड़कंप मचा है। सूत्रों के मुताबिक प्रशासन की कार्रवाई से बचने के लिए खनन माफिया और ट्रांसपोर्टरों का सिफारिशों का दौर चला, मगर प्रशासन ने एक न सुनी। साथ ही हिदायत दी कि व्यवस्था में सुधार के लिए अभी और भी कड़े कदम उठाए जाएंगे।
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