मां को इंसाफ दिलाने के लिए भटक रहे मासूम
बिजनौर। मामा के साथ थाने के चक्कर काट रहे दो मासूम पिता पर दो रिश्तेदारों के साथ मिलकर अपनी मां की हत्या का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि इस मामले में केवल उनके पिता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है, रिश्तेदारों के नाम पुलिस ने रिपोर्ट में नहीं लिखे।
मासूमों के साथ आए राशिद अहमद ने बताया कि झालू के मोहल्ला पीरजादगान निवासी उसकी बहन संजीदा का निकाह आठ साल पहले थाना किरतपुर के गांव किठौड़ा में वहाब से हुआ था। दहेज को लेकर विवाद के कारण दोनों आठ साल से अलग रह रहे थे। संजीदा नौ साल के शाकिब व आठ साल की बेटी बुशरा के साथ कांशीराम कॉलोनी में रह रही थी। 17 जुलाई को संजीदा की घर में ही गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। मां की हत्या के गवाह नौ साल के शाकिब का कहना है कि उसके पिता वहाब शाहिद और असलम के साथ आए और उनकी मां से मारपीट की। तीनों संजीदा को दूसरे कमरे में ले गए। बच्चों ने पूछा तो उन्होंने बहाना बनाकर टरका दिया। सुबह बच्चों ने मां का शव देखा तो नानी को खबर दी। राशिद का कहना है कि वहाब बच्चों से मिलने के बहाने अक्सर आ जाता था। उसकी अनपढ़ मां आबिदा से पुलिस ने केवल वहाब के खिलाफ तहरीर पर अंगूठा लगवा लिया। बाकी आरोपियों की जानकारी देने पर पुलिसवालों ने उनके नाम रिपोर्ट में शामिल करने की बात कही।
राशिद का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी बहन की आठ जगह हड्डियां टूटी मिली हैं। अब वह दोनों मासूम गवाहों को लेकर बाकी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए झालू चौकी व हल्दौर थाने के चक्कर काट रहा है। बाहर घूम रहे आरोपियों से दोनों मासूम गवाहों को खतरा है। इसके बावजूद रिपोर्ट में उनके नाम नहीं जोड़े जा रहे हैं।