कांधला। कस्बे के नानूपुरी गेट के समीप जमीन पैमाइश के लिए पहुंचे तहसीलदार के सामने जमीन के स्वामित्व को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। तहसीलदार व पुलिस की मौजूदगी में ही दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और कहासुनी शुरू हो गई।
तहसीलदार ने दोनों पक्षों के लोगों को अपने-अपने दस्तावेज दिखाने के लिए कहा गया। टीम मौके पर निशानदेही करने के बाद लौट गई है। कस्बे के दिल्ली सहारनपुर हाईवे गांव नानू पूरी गेट के समीप स्थित जमीन के स्वामित्व को लेकर पिछले काफी समय से निसाद अहमद, इरफान, हरीश मोहन व कई अन्य लोग अपने-अपने मालिकाना हक को लेकर न्यायालय में अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं। इस जमीन पर कई बार अधिकारियों ने पैमाइश की है, लेकिन मामले में कोई समाधान न होने के कारण हर बार टीम लौट जाती है। एक पक्ष की ओर से निशाद अहमद ने जिला अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर अपनी जमीन की पैमाइश करने के बाद कब्जे की मांग की थी। इस पर आदेश के बाद तहसीलदार अर्जुन सिंह अपनी टीम व पुलिस बल को लेकर मौके पर पहुंचे इनके जमीन पर पहुंचने की सूचना के बाद, जबकि दूसरे पक्ष से राजीव मालिक हरीश मोहन, इरफान व कई अन्य लोग मौके पर पहुंचे और अपने-अपने जमीन संबंधी दस्तावेज तहसीलदार को दिखाएं। दोनों ही पक्ष अपने दावे को सही ठहराने में जुटे रहे, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील बन गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार अर्जुन सिंह ने दोनो को अपने अपने दस्तावेज दिखाने को कार्यालय आने को कहते हुए वहां पर निशानदेही कर दी, जिसका दूसरे पक्ष के लोगो ने विरोध करते हुए कहा कि यह प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए बिना विधिक प्रक्रिया और नोटिस के प्रशासन किसी भी पक्ष को जमीन पर कब्जा नहीं दिला सकता।
विवाद बढ़ता देख मौके पर मौजूद पुलिस बल को स्थिति संभालने के लिए सतर्क रहना पड़ा। हालांकि काफी देर तक चली बहस और तनाव के बावजूद टीम पिलर खड़े कर लौट गई। इस दौरान टीम में तहसीलदार अर्जुन सिंह, लेखपाल मिंटू तथा पुलिस बल के जवान मौजूद रहे, जिन्होंने पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी।