नजीबाबाद वन प्रभाग की बढ़ापुर रेंज की सीमा से सटे गांव जहानाबाद खोबड़ा में गाय की वफादारी निभाने की अनूठी घटना सामने आई है। खेत में चारा चरते समय अचानक एक बाघ ने गाय पर हमला किया। इस पर 40 गायों के झुंड ने मुकाबला करते हुए बाघ को वहां से भगा दिया। भागते समय बाघ ने पशुपालक पर हमला करने की कोशिश की, मगर गायों ने अपने स्वामी की जान बचा ली। हालांकि इस घटना में एक गाय जख्मी हो गई है।
बढ़ापुर वन रेंज की सीमा से सटी ग्राम पंचायत जहानाबाद खोबड़ा की भूमिदान कॉलोनी में बोक्सा जाति के लोग रहते हैं। गांव के लोग केवल गायों को ही पालते है। गांव में लगभग 40 गायें हैं, जो कि कॉलोनी के पास ही खेतों में चरती हैं। सोमवार की दोपहर भूमिदान कॉलोनी निवासी छोटे लाल गायों को चरा रहा था। छोटे लाल वहां से थोड़ी दूरी पर बैठा घास काट रहा था। इतने में उत्तराखंड के जंगल की दिशा से आए एक बाघ ने अपना शिकार बनाने के लिए खेत के किनारे अकेले चर रही गाय पर हमला बोल दिया। इससे गाय कुछ जख्मी हो गई। गाय के रंभाने पर वहां चर रही करीब 40 और गायें झुंड बनाकर पहुंची। बाघ की ओर दौड़ पड़ीं।
इसी बीच, छोटे लाल पहुंचा तो देखा कि बाघ गायों के झुंड से घिरा हुआ है। कुछ ही देर में बाघ अचानक गायों के झुंड से निकलकर भागा और छोटे लाल की ओर लपका। बताया जाता है कि जब यह बाघ करीब आठ मीटर दूरी पर था, तो गायाें का झुंड फिर बाघ की ओर दौड़ पड़ा। बाघ को भागना पड़ा। इस तरह छोटे लाल की भी जान बच गई। छोटे लाल ने बताया कि गायों की वजह से उसे जिंदगी मिली है। हमले से घायल गाय का पास के गांव के एक निजी पशु चिकित्सक द्वारा इलाज किया जा रहा है।
बाघ की होगी निगरानी : वन क्षेत्राधिकारी
-बढ़ापुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी इरफान अली का कहना है कि सूचना पर वह टीम के साथ घटनास्थल पर गए थे। उन्होंने घटना की पुष्टि की। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि इस घटना के बाद सीमा पर गश्त बढ़ा दी गई है। वन चौकी को अलर्ट कर दिया गया है। उनके मुताबिक चार दिन पहले भी एक बाघ की आवाजाही की सूचना मिली थी, तब से उसकी निगरानी के प्रयास किए जा रहे हैं।