बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट अलका चौधरी ने उत्तर प्रदेश गिरोह बंद क्रिया कलाप अधिनियम में मोहम्मद मेहताब, नीटू, नेपाल सिंह और मनोज को दोषी पाया है। जिन्हें दो-दो साल के कारावास और पांच पांच हजार रुपये के अर्थ दंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सलीम अख्तर ने बताया कि साल 2008 में थाना चांदपुर के प्रभारी निरीक्षक रहे ब्रजकिशोर सिंह ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि मोहम्मद मेहताब पुत्र मोहम्मद असलम सैफी निवासी गांव हीमपुर बुजुर्ग ने एक गैंग बना रखी है। जिसकी गैंग में नीटू, नेपाल सिंह और मनोज सदस्य हैं। जोकि समाज विरोधी क्रियाकलाप से लोक व्यवस्था को अस्त व्यस्त करते हैं और आर्थिक लाभ के लिए अपराध में शामिल रहते हैं। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद विवेचना करते हुए आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद चारों अभियुक्तों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।