लखनऊ रैली में उन्होंने गन्ना मूल्य भुगतान, धान पराली, बिजली और किसानों के साथ मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न के मुद्दों पर सरकार को घेरने का दावा किया। राकेश टिकैत ने कहा कि अब महिलाओं को भी मेलों जैसे आंदोलन के लिए तैयार रहना होगा। जिस तरह महिलाएं मेलों की तैयारी करती हैं, अब आंदोलन के लिए भी उन्हें कमर कसनी होगी। तभी किसानों की जमीन और स्वाभिमान की रक्षा की जा सकेगी।
चौ.चंद्रपाल सिंह की अध्यक्षता और होशियार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित किसान-मजदूर सम्मेलन को भाकियू के मंडल अध्यक्ष बाबूराम तोमर, जिलाध्यक्ष चौ.कुलदीप सिंह, अशोक घटायन, विजय शास्त्री, राजेंद्र सिंह, उपमा चौहान, नरेंद्र सिंह, अवनीश कुमार, दिनेश कुमार, जितेंद्र कुमार, मदन चौहान, वरिंदर सिंह बांट, वीरेंद्र सिंह, रामअवतार सिंह, चौ.रुकन सिंह सहित अनेक किसान नेताओं ने संबोधित किया।
यह भी पढ़ें: धर्मांतरण का बड़ा खेल: दो और नामजद, अब तक 11 लोगों पर एफआईआर आठ को जेल भेजा, ताबड़तोड़ दबिश जारी
ग्राम प्रधानों की ओर से मो.जाकिर अंसारी, अमीर अहमद, अवधेश कुमार, बाबूराम तालान, अकरम शेख, रुपेंद्र सिंह, योगेंद्र सिंह, विरेश राणा, मो.शाहिद, नौबहार सिंह सहित क्षेत्रवासियों ने भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का स्वागत किया।