कोरोना की वजह से नहीं हुआ खुरपका-मुंहपका का टीकाकरण
हल्दौर/बिजनौर। कोविड 19 की वजह से इस साल पशुओं का खुरपका व मुंहपका का टीकाकरण नहीं हो पाया है। टीकाकरण के लिए इस बार पशुओं की ईयर टैगिंग को अनिवार्य कर दिया गया है। जिन पशुओं की ईयर टैगिंग नहीं होगी उन्हें योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। अभी केंद्र सरकार से टीकाकरण के निर्देश व वैक्सीन भी नहीं मिली है।
पशुओं को खुरपका-मुंहपका बीमारी से बचाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान चलाकर प्रत्येक छह माह में उनका निशुल्क टीकाकरण किया जाता है। हर साल अप्रैल और मई में पशुओं में टीकाकरण अभियान चलाया जाता है। लेकिन इस बार लॉकडाउन होने के कारण अप्रैल और मई में चलने वाला टीकाकरण अभियान स्थगित कर दिया गया। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इस टीकाकरण लगाने का अभियान अगस्त में प्रस्तावित किया गया है। लेकिन अब तक शासन से वैक्सीन प्राप्त नहीं हुई है। लॉकडाउन में दवाइयों की फैक्ट्रियां भी लंबे समय से बंद रहीं। ऐसे में अगले माह वैक्सीन की उपलब्धता होने की कम उम्मीद दिखाई दे रही है। बारिश में ये रोग पशुओं तेजी से फैलते हैं। हल्दौर ब्लाक क्षेत्र के करीब 1.30 लाख पशुओं में टीकाकरण होना है। मुकेश सैनी, मोहम्मद शमशाद, अशोक कुमार, राकेश चौधरी, कौशेंद्र चौधरी, सतीश त्यागी, निरंकार त्यागी आदि अनेक पशुपालक अपने पशुओं में खुरपका व मुंहपका रोग फैलने की आशंका को लेकर चिंतित हैं। पशुपालकों ने पशु चिकित्सा अधिकारी से टीकाकरण शीघ्र लगाएं जाने की मांग की है।
पशु चिकित्सा अधिकारी सौरभ चौधरी का कहना है कि पशुओं में खुरपका मुंहपका रोग से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान अगस्त में प्रस्तावित किया गया है। क्षेत्र में टीकाकरण अभियान चलाने की समस्त तैयारियां पूरी कर ली गई हैं । लेकिन अभी तक वैक्सीन की उपलब्धता नहीं हो पाई है। वैक्सीन उपलब्ध होने पर ही टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा।
ढाई लाख की हुई ईयर टैगिंग
जिले में करीब दस लाख पशु हैं। पशुओं के टीकाकरण के लिए ईयर टैगिंग को अनिवार्य किया गया है। जिन पशुओं की ईयर टैगिंग होगी उनका ही टीकाकरण होगा। अभी जिले में ढाई लाख पशुओं की ही ईयर टैगिंग हुई है।
नहीं मिला आदेश और वैक्सीन
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा.भूपेंद्र सिंह के अनुसार अभी टीकाकरण के निर्देश व वैक्सीन नहीं मिली है। शासन के निर्देश के अनुसार ही काम होगा। नवंबर में पशुओं का टीकाकरण किया गया था।