बिजनौर। दीपावली पर्व को लेकर लोगों को उत्साह है। दीपावली पर वायु प्रदूषण अधिक होने से सीओपीडी, अस्थमा मरीजों की परेशानी बढ़ेगी। ऐसे में चिकित्सक सांस रोगियों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
दीपावली पर आतिशबाजी होने से आसमान में धुंध छाई रहती है। इससे लोग साफ हवा में सांस नहीं ले पाते। यही वजह है दीपावली के मौके पर अस्थमा रोगियों की बेचैनी बढ़ रही है। मेडिकल अस्पताल के फिजीशियन डॉ. हरिपाल ने बताया कि आतिशबाजी से आसमान की हवा प्रदूषित हो जाती है। जो, श्वासनली में प्रवेश करती है। प्रदूषण की वजह से श्वासनली में सूजन आने से सांस लेने में परेशानी होती है। इसलिए, चिकित्सक सांस रोगियों से आतिशबाजी के दौरान घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दे रहे हैं। वहीं,
दीपावली पर पटाखों को हाथ में लेकर न छोड़े। इससे हाथ जलने और कई तरह की समस्या हो सकती है। जिनके कानों में दिक्कत है, उनके पास तेज आवाज वाले पटाखें न फोड़े। इससे कान का पर्दा फटने की संभावना रहती है। साथ ही गलत खानपान न करें। क्योंकि फूड प्वाइजनिंग हो सकती है। इसलिए एहतियात बरतते हुए दीपावली पर्व धूमधाम से मनाएं।
दीपावली पर पटाखे छोड़ते समय बरतें ये सावधानी
-पटाखा आंखों से दूर कर ही छोड़ें ।
-बीमार लोग तेज आवाज वाले पटाखों से दूर बनाएं ।
-बड़ों की निगरानी में बच्चों को पटाखें चलवाएं ।
-पटाखा छोड़ते समय जले हुए हिस्से को 15 मिनट ठंडे पानी में भिगोकर रखें ।
-पटाखे में आग लगाने के लिए किसी स्टिक में मोमबत्ती बांधकर इस्तेमाल करें ।
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आंखें बहुत कीमती हैं। दीपावली पर सावधानी बरतते हुए आंखें से दूर कर पटाखा छोड़े। परिवार के बड़े लोग अपनी निगरानी में बच्चों से आतिशबाजी कराएं। - डॉ. रजनीश शर्मा, नेत्र रोग विशेषज्ञ, मेडिकल अस्पताल, बिजनौर