ऊमरी कलां समिति पर तालाबंदी करते किसान।
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मंडावली में फसल बीमा योजना के तहत किसानों की मंशा के विपरीत प्रीमियम राशि काटने के विरोध में भाकियू कार्यकर्ताओं ने सहकारी समिति मंडावली पर तालाबंदी की।
भाकियू भानू गुट के जिलाध्यक्ष चौधरी विजय सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता शुक्रवार सुबह सहकारी समिति मंडावली परिसर में एकत्र हुए। सरकार की किसान विरोधी नीतियों की आलोचना करते हुए भाकियू कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और सहकारी समिति के गोदाम पर तालाबंदी कर दी। जिलाध्यक्ष विजय सिंह ने कहा कि किसान को उसकी फसल का दाम पहले ही नहीं मिल पा रहा है और अब योजनाबद्ध तरीके से किसानों की जेब काटने की कोशिश की जा रही है। कहा कि किसानों से बीमा राशि जबरन काटने नहीं दी जाएगी। नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने किसानों का आर्थिक व मानसिक उत्पीड़न बंद नहीं किया, तो किसान आंदोलनात्मक कदम उठाने पर मजबूर होंगे। नायब तहसीलदार द्वारा अपेक्षित कार्रवाई के आश्वासन पर किसानों ने समिति गोदाम का ताला खोला। जिला महासचिव वीर सिंह के संचालन में हुई सभा में महराज अली, शेर अली, रोहिताश सिंह, डोरी पहलवान, संतराम, शौकीन, योगेंद्र राठी आदि उपस्थित रहे।
डिस्टलरी पर की तालाबंदी
नांगलसोती में भाकियू के प्रांतीय उपाध्यक्ष बलराम सिंह, जिला महासचिव दिगंबर सिंह, हुकुम सिंह, विजय सिंह, दिनेश कुमार, अजय, बिट्टू, सत्यपाल सहित अन्य के साथ काफी संख्या में किसान उत्तम शुगर मिल पर बरकातपुर पहुंचे। यहां बकाया गन्ना मूल्य भुगतान न होने पर मिल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों ने कहा कि चीनी मिल द्वारा 16 करोड़ रुपये बकाया गन्ना मूल्य न दिए से किसानों की आर्थिक स्थिति बदतर है। गुस्साए किसानों ने मिल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चीनी मिल के डिस्टिलरी प्लांट के मुख्य दरवाजे पर तालाबंदी भी कर दी। बलराम सिंह ने चेतावनी दी कि यदि शुगर मिल ने शीघ्र ही किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं किया तो भाकियू को उग्र आंदोलन के लिए विवश होना पड़ेगा।