मुंदरा कला में लाइन पर काम करने के दौरान करंट से संविदाकर्मी की मौत होने के बाद विलाप करते परिजन।
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चांदपुर/बास्टा में बास्टा क्षेत्र के गांव मुंदरा कला में हाईटेेंशन लाइन पर काम कर रहे संविदा कर्मी की करंट लगने से मौत हो गई। मौत पर गुस्साए परिजनों ने विद्युत कर्मचारी पर बिजली चालू करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। साथ ही पांच लाख के मुआवजे की मांग को लेकर घंटों शव को लाइन से नहीं उतारने दिया। मौके पर पहुंचे एसडीओ विद्युत, सीओ व कोतवाली निरीक्षक ने उन्हें काफी समझाने का प्रयास किया। हालांकि पांच लाख का चेक मिलने के बाद ही परिजनों ने शव को उतारने दिया।
गांव मुंदरा निवासी सलीम विद्युत निगम में संविदा कर्मी के रूप में कार्यरत था। बुधवार को गांव में 11 हजार की लाइन के पोल पर चढ़कर वह तार जोड़ रहा था। इस बीच अचानक लाइन में विद्युत आ जाने से सलीम पोल पर ही टंगा रह गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मौत की खबर मिलने पर परिजन व गांववासी इकट्ठा हो गए। परिजनों का आरोप है कि सलीम ने लाइन पर काम करने के लिए बागड़पुर बिजली घर से शट डाउन लिया था। उसके बाद भी कर्मचारी ने बिजली चालू कर दी। मौके पर सीओ राकेश श्रीवास्तव व कोतवाली निरीक्षक सतेंद्र कुमार पुलिस बल के साथ पहुंच गए। परिजनों को काफी समझाया। लेकिन परिजनों ने विद्युत कर्मचारी की लापरवाही बताते हुए करीब पांच घंटे तक विद्युत लाइन से शव को उतारने नहीं दिया। परिजनों ने परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने, पांच लाख नगद और संविदा कर्मी को बीमा राशि दिलाने की मांग की। मौके पर पहुंचे एसडीओ जेपी सिंह ने मृतक की मां को एक लाख का चेक देना चाहा लेकिन परिजन पांच लाख की मांग पर अड़े रहे और हंगामा हुआ। पुलिस क्षेत्राधिकारी राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि विभाग द्वारा पांच लाख के चेक दे दिया है। मां नफीसा की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।