बिजनौर। भारतीय मजदूर संघ बैनर तले कर्मचारी बुधवार को एकत्र होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए 18 सूत्रीय ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम डीए जसजीत कौर को सौंपा। ज्ञापन में संविदा कर्मचारियों को समय से मानदेय नहीं मिलने का भी मुद्दा उठाया।
ज्ञापन में कहा कि आज मजदूर और कर्मचारी महंगाई, बेरोजगारी और सरकारी उपेक्षाओं के कारण परेशान है। आंगनबाड़ी बहनों के लिए सरकार द्वारा तय किए गए मानदेय को भी नहीं लागू किया जा रहा है। आश संगिनी बहनों के साथ भी पूर्ण रूप से अन्याय हो रहा है। संविदा कर्मियों को आउटसोर्सिंग के नाम पर न तो समय पर वेतन मिल रहा है। उनके लिए कोई नियमावली नहीं बनाई गई है। सफाई कर्मचारी को बिना सुरक्षा उपकरण के ही कार्य कराया जाता है। इसके अलावा एनएचएम में कार्य कर रहे संविदा कर्मियों को बीमा का लाभ देने के लिए केंद्र सरकार से बजट मिला लेकिन उसे अभी तक लागू नहीं कराया गया। वहीं, 108,102 एंबुलेंस के बर्खास्त कर्मियों को वार्ता के बाद भी अभी तक वापस नहीं लेने का मुद्दा उठाया। असंगठित क्षेत्र में कार्य कर रहे दिहाड़ी मजदूरों के लिए कोई सामाजिक सुरक्षा व प्रतिदिन भोजन की व्यवस्था भी नहीं है। इसके अलावा पुरानी पेंशन बहाली की मांग भी उठाई।
बैंकिंग उद्योग में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने, वर्ष 2001 से पहले के संविदा कर्मचारियों को नियमित करने, उतर प्रदेश परिवहन निगम के मृतक आश्रितों को नौकरी देने के आदेश का अनुपालन करने की मांग की। पत्रकारों/श्रमजीवी पत्रकारों को सुरक्षा बीमा एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने सहित 18 सूत्रीय मांग की। इस मौके पर जिला मंत्री राजवीर सिंह, मानवेंद्र सिंह, प्रदीप कुमार, धीरेंद्र कुमार, दीपेंद्र सिंह, जवाहर यादव, ओमप्रकाश, नरदेव सिंह, प्रेमलता, बेबी रानी आदि मौजूद रहे।