-भाजपा जिलाध्यक्ष पद के लिए 31 दावेदारों ने कराया था नामांकन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जनपद का तापमान भले ही 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास हो, लेकिन भाजपा में राजनीति पारा दिनोंदिन चढ़ रहा है। मौसम की ठंड भी दावेदारों की परिक्रमा पर हल्की पड़ रही है। यहीं कारण है कि जनपद के अधिकांश दावेदार जिलाध्यक्ष पद पाने के लिए लखनऊ की परिक्रमा कर रहे हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष पद के लिए वैसे तो 31 दावेदारों ने अपना नामांकन कराया था। चुनाव प्रभारी, संयोजकों ने पार्टी कार्यालय पर चुनाव प्रक्रिया की थी। राजनीति लोगों की माने तो इसी सप्ताह में पार्टी शीर्ष नेता जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा कर सकते हैं। सत्ताधारी पार्टी होने के कारण जिलाध्यक्ष की कुर्सी पाने को लेकर राजनीति खींचतान बहुत चल रही है। जनपद में 31 दावेदारों की चुनाव अधिकारी सूची लेकर लखनऊ पहुंच गए हैं। राजनीति लोगों का कहना है कि वह सूची प्रदेश कार्यालय पर पहुंच गई। प्रदेश स्तर के शीर्ष नेताओं की टीम गठित हुई है। कुछ लोग लखनऊ में पहुंचे, तो क्षेत्रीय नेताओं की शरण में पहुंचकर अपनी पैरवी कर रहे हैं। जिलाध्यक्ष पद पर किसकी ताजपोशी होगी। यह इसी सप्ताह में साफ होने की संभावना है। जिलाध्यक्ष बनाने को लेकर भाजपा नेता व जनप्रतिनिधि अलग अलग खेमे में भी नजर आ रहे हैं। आगे यानी वर्ष 1026 की रणनीति साफ करने के लिए अपने अपने पक्ष के व्यक्ति की जिलाध्यक्ष पद पर ताजपोशी की गुणा-भाग में लग रहे हैं।
-जातीय समीकरण को देखते हुए बनेगा जिलाध्यक्ष
भाजपा के बिजनौर जनपद जिलाध्यक्ष बनने को लेकर विभिन्न चर्चाएं तेज हो रही हैं। राजीतिक दिग्गजों का कहना है कि आगामी चुनाव को देखते हुए ही पार्टी जिलाध्यक्ष के चयन पर सोशल इंजीनियरिंग के तहत कदम उठाएगी। कुछ का कहना है कि भाजपा जिलाध्यक्ष शहरों में रहने वाले पार्टी के कोर मतदाताओं में से भी बन सकता है। वहीं कुछ नेता जाट, सैनी, ठाकुर, ओबीसी व एससी समाज के गणित का गठजोड़ को देखते हुए जिलाध्यक्ष बनाने की चर्चा है।