उपभोक्ताओं को अगले साल देनी होगी बकाया किस्त
बिजनौर। व्यापार और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए जिले के व्यापारियों व उद्योगपतियों ने एक हजार करोड़ से अधिक का ऋण ले रखा है। इस ऋण पर मासिक किस्त अदा करनी होती है। बैंकों द्वारा छह महीने की किस्त एक साथ काट लेने से कुछ उपभोक्ताओं पर बोझ पड़ा है। हालांकि जिन उपभोक्ताओं ने किस्त नहीं चुकाई है उन्हें भी किस्त चुकानी होगी। अगले साल जनवरी, फरवरी व मार्च में उनसे ये किस्त वसूल की जाएंगी।
बिना वित्तीय सहयोग के कोई भी व्यापार परवान नहीं चढ़ पाता है। व्यापारी और उद्यमी अपने काम को बढ़ाने के लिए बैंकों से ऋण लेते हैं। इस ऋण को जमा करने के लिए बैंकों की ओर से ब्याज के साथ मूल धन मिलाकर किस्त बांध दी जाती हैं। जिले में जून तक व्यापारियों व उद्यमियों पर एक हजार 53 करोड़ रुपये का ऋण था। कोरोना को देखते हुए केंद्र सरकार ने बैंकों की छह माह की किस्त बाद में जमा करने की छूट दी गई थी। इसका लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को बैंक में लिखित में सूचना देनी थी। बैंकों द्वारा मंगलवार को सूचना न देने वाले व्यापारियों के खाते से एक साथ छह महीने की किस्त काट ली गई। जिन उपभोक्ताओं के खातों से किस्त नहीं काटी गई है उन्हें भी बैंक की किस्त तो चुकानी ही होंगी। ऐसे उपभोक्ताओं को अगले साल जनवरी, फरवरी व मार्च में इन छह महीनों की किस्त जमा करनी होंगी।
बैंकों से मिला सहयोग
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन मुरादाबाद मंडल के सचिव अभिषेक गोयल का कहना है कि बैंकों की ओर से ऋण लेने वालों को सूचित करके लिखवाकर ले लिया गया था। बैंकों की ओर से कोई परेशानी नहीं आने दी गई है। बैंकों ने उद्योगपतियों के ऋण की सीमा भी 20 प्रतिशत तक अपने आप बढ़ा दी है।
अगले साल चुकानी हैं किस्त
जिला अग्रणी प्रबंधक जोगिंदर कुमार ग्रोवर का कहना है कि सभी उपभोक्ताओं को बैंकों से लिया गया ऋण चुकाना ही है। काफी कम उपभोक्ताओं के खातों से ऐसे किस्त काटे जाने की सूचना मिली है। बाकी उपभोक्ताओं को भी अगले साल किस्त चुकानी हैं।