फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bijnor News: बरसात के बाद चालू होगा बालावाली रेल पुल के गाइड बंध का निर्माण

विज्ञापन
विज्ञापन
- पिछले साल 70 मीटर दूर रह गई थी गंगा की धारा, ट्रैक पर मंडराया था खतरा
विज्ञापन

- बालावाली रेल पुल के गाइड बंध की लंबाई भी बढ़ाकर की जाएगी डेढ़ किलोमीटर
- गाइड बंध निर्माण के लिए फिलहाल चल रही है एनओसी की प्रक्रिया
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। बालावाली में रेल पुल के गाइड बंध का निर्माण बरसात के बाद ही चालू किया जाएगा। दरअसल पुराना गाइड बंध 430 मीटर लंबा है, जिसे बढ़ाकर करीब डेढ़ किलोमीटर किया जाना है। ताकि गंगा की धारा जम्मूतवी-कोलकाता रेल ट्रैक की तरफ न बढ़ने पाए।
साल 2025 के अगस्त माह में गंगा की धारा बालावाली रेल पुल के गाइड बंध की सीमा को को लांघकर कटान करने लगी थी। रेल ट्रैक से सटा हुआ एक आम का बाग भी बाढ़ की चपेट में आकर खत्म हो गया था। बाग को खत्म करने के बाद रेलवे ट्रैक की तरफ बढ़ी धारा महज 70 मीटर दूर ही रह गई थी। खैर, उस समय तो ट्रैक को नुकसान नहीं हुआ। मगर अगली बरसात से पहले ट्रैक को बचाने के लिए परियोजना तैयार की गई। जिसमें आईआईटी रुड़की तकनीकी सहयोग दिया।
विज्ञापन

इसी परियोजना के तहत रेलवे ट्रैक को बाढ़ से बचाने के लिए लॉन्चिंग एप्रन (तार से बंधी पत्थरों की परत) डिजाइन किया। पत्थरों की परत को बिछाने का काम तीन महीना से चल रहा है। जिसका अस्सी फीसदी काम पूरा हो चुका है। हालांकि अब गंगा में उफान आने की वजह से काम ने रफ्तार धीमी हो गई।
बालावाली रेल पुल के गाइड बंध की लंबाई को बढ़ाने का काम बरसात के बाद चालू हो सकेगा। जिसके निर्माण के लिए पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से एनओसी का इंतजार भी है। बता दें कि पुराने गाइड बंध की लंबाई 430 मीटर है। जिसकी लंबाई बढ़ाकर करीब डेढ़ किलोमीटर की जाएगी। जिसके बाद गंगा की धारा पूरब दिशा की ओर कटान नहीं कर सकेगी।
विज्ञापन

रेलवे के वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर शैलेंद्र कुमार ने बताया गाइड बंध का निर्माण बरसात के बाद ही चालू हो सकेगा। फिलहाल अन्य कटान निरोधी कार्य कराए जा रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें